dhanbad

  • Sep 16 2019 8:25AM
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छुट्टी पर थे न्यूरो सर्जन, और दवा खरीदने को पैसे भी नहीं थे

  धनबाद  : धैया में सड़क दुर्घटना के बाद घायल वृंदा राम, उसकी पत्नी पार्वती देवी और आठ साल के बेटे को एशियन जालान अस्पताल लाया गया. यहां आते ही उनका इलाज शुरू किया गया. लेकिन तीनों के सिर पर चोट लगी थी. कर्मचारियों ने बताया कि यहां न्यूरो के एक ही सर्जन हैं और वह छुट्टी पर हैं.

 
 घायलों को यहां से दूसरे अस्पताल ले जायें, ताकि उनका बेहतर इलाज हो सके. लेकिन घायल के साथ आये परिजन यहीं पर चिकित्सक को बुला कर इलाज कराने की प्रार्थना कर रहे थे. करीब तीन घंटे तक घायलों को इमरजेंसी में रखा गया. बाद में पार्वती देवी की मौत हो गयी. 
 
दवा की पर्ची लेकर भटकता रहा पुत्र : जालान में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के दौरान घायल वृंदाराम के पुत्र रमेश राम को दवा की पर्ची पकड़ा दी. उसके पास दवा खरीदने के पैसे नहीं थे. वह बार-बार सभी से दवा खरीदवा देने की गुहार लगा रहा था. कह रहा था कि वह घर जाकर पैसे लाकर सभी को दे देगा. लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. तड़प-तड़प कर उसकी मां पार्वती देवी ने दम तोड़ दिया. 
 
आगे-आगे चल रहा था बड़ा बेटा :   बरवाअड्डा से लौटते वक्त वृंदा राम के आगे उसका बड़ा बेटा किशन राम दूसरी बाइक से चल रहा  था. पिता की बाइक को गिरते देखा तो वह घबरा गया. स्थानीय लोगों ने तीनों को जालान अस्पताल पहुंचाया. थोड़ी देर के बाद  उसका बेटा अस्पताल पहुंचा. बताते चले कि वृंदाराम को पांच बेटे और तीन बेटी  है. वृंदा अपार्टमेंटों में सफाई का काम करता था.
 
पार्वती की मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा
पार्वती देवी के मौत की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके और पहचान वाले जालान अस्पताल पहुंच गये. घटना से आग बबूला हुए लोगों ने अस्पताल पर पथराव शुरू कर दिया. बाहर में लगे शीशों को तोड़ दिया गया. वहीं गमले से बाहर खड़ी जालान की एंबुलेंस और एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन ने नुकसान का आकलन किया है. करीब 12 से 15 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है. 
 
घायलों को पीएमसीएच से रिम्स भेजा गया 
घायल वृंदाराम और उसके बेटा आकाश को जालान अस्पताल से पीएमसीएच भेजा गया. यहां जरूरी उपचार किया गया. इमरजेंसी के सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया गया. यहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया. परिजनों के पास पैसे का अभाव होने के कारण 108 पर फोन कर एंबुलेंस मंगवाया गया.  
 
अस्पताल के न्यूरो सर्जन छुट्टी पर गये हुए थे. घायलों के अस्पताल में आते ही इमरजेंसी में इलाज किया गया. प्राथमिक उपचार के बाद न्यूरो के केस का पता चला तो उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा गया. लेकिन घायलों को अस्पताल से नहीं ले जाया गया. बाद में लोगों ने तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी. पुलिस को घटना से अवगत कराया गया है. 
डॉ. सी राजन, सेंटर मैनेजर, एशियन जालान अस्पताल 
 
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