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dhanbad

  • Aug 23 2019 8:12AM
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तेतुलमारी पुलिस की दबिश से तंग आकर छात्रा ने फांसी लगा दी जान

 तेतुलमारी : आठ वर्षीय आर्यन हत्याकांड में तेतुलमारी पुलिस की दबिश से तंग आकर खास सिजुआ निवासी व्यवसायी अनिल कुमार बरनवाल की पुत्री नेहा कुमारी  (18) ने गुरुवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह नेहरू बालिका महिला  महाविद्यालय तेतुलमारी की बीए की छात्रा थी. आर्यन हत्याकांड में तेतुलमारी  पुलिस छात्रा के पिता से भी पूछताछ कर रही थी.

 
 घटना के बाद पहुंची पुलिस को आक्रोशित लोगों ने घेर लिया और शव उठाने नहीं दिया. सभी घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार बता रहे थे. मौके पर पहुंचे ग्रामीण एसपी  अमन कुमार, बाघमारा डीएसपी मनोज कुमार के काफी समझाने के बाद शव  को उठाने दिया. कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है. 
 
मंगलवार से हो रही थी पूछताछ :   आर्यन की हत्या गत 16 अगस्त को गोली मारकर की गयी थी. हत्या के मुख्य आरोपी मनोज चौहान के कॉल डिटेल में छात्रा के पिता के फोन से बातचीत का पता चला. मंगलवार की देर रात पुलिस पिता को थाना  ले गयी. 
 
वहां बुधवार देर रात तक पूछताछ की. रात में ही पार्षद छोटू सिंह की  पहल पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया और  गुरुवार की सुबह पुन: आने को कहा. अनिल रात  को जैसे ही घर पहुंचा, अपनी पुत्री नेहा को इस बात के लिए फटकारा कि मनोज चौहान से  मोबाइल पर बातचीत कैसे हुई? किसने की?
 
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इधर, थाना पहुंचने के लिए रास्ते में अनिल था कि  किसी ने फोन कर बताया कि तुम्हारी बच्ची ने आत्महत्या कर ली है. उसके बाद  अनिल भागा-भागा घर पहुंचा. इसके बाद परिजन व स्थानीय लोग नेहा को अस्पताल  ले गये, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. अनिल काे पत्नी  सहित दो पुत्री व दो पुत्र हैं. घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.  नेहा अनिल की बड़ी पुत्री थी.
 
छात्रा के पिता का कहना है 
अनिल बरनवाल ने पुलिस पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप  लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उस वक्त पूछताछ की, जब घर में नेहा के अलावा कोई  नहीं था. मेरी पत्नी दुकान में थी. सुबह खुद थाना जाने के लिए निकले थे.
 
 इसी बीच तेतुलमारी पुलिस  मेरे घर पहुंची और पुत्री को टॉर्चर किया. इसे मेरी पुत्री बर्दाश्त नहीं कर पायी और आत्महत्या कर ली. मेरी पुत्री की  आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए जिम्मेवार तेतुलमारी पुलिस है.
 
लोगों का आरोप : लड़की को फंदे से उतारने के बजाय पुलिस खींचती रही फोटो
 गुरुवार की सुबह अनिल बरनवाल थाना जाने के लिए घर से निकला. इधर 11 बजे पूर्वाह्न पुलिस उसके घर पुलिस गयी. अनिल नहीं मिला तो पुलिस ने निकट अवस्थित उसकी दुकान से बुला कर उसकी पत्नी  से कुछ पूछताछ की. फिर कहा कि उसकी बेटी नेहा से  भी पूछताछ की जायेगी, उसे बुलाएं. संयोग से नेहा दरवाजे पर ही थी. 
 
जैसे ही उसने यह सुना  कि पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी, सीधे अपने कमरे में चली गयी और ऐंगल के  सहारे दुपट्टे से फांसी लगा ली. सूचना पर तेतुलमारी  थानेदार ध्रुवजी ओझा दलबल के साथ शव लेने पहुंचे तो स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध  किया. शव को उठाने से रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस के मानसिक  टॉर्चर के कारण उक्त छात्रा ने ऐसा कदम उठाया.
 
 इसलिए किसी कीमत पर शव को  उठने नहीं दिया जायेगा. ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस चाहती तो नेहा की जान  बच सकती थी. जब उसने फांसी लगायी तो पुलिस बाहर थी. पुलिसकर्मी घर में भी घुसे लेकिन मोबाइल पर फोटो खींचने में  व्यस्त रहे. यदि आनन-फानन में उसे उतारा जाता तो उसकी जान बच सकती थी.
 
लोगों में गुस्सा, पुलिस पदाधिकारियों पर प्राथमिकी की मांग 
सूचना मिलने पर ग्रामीण एसपी अमन कुमार तेतुलमारी थाना  पहुंच कर मामले की जानकारी ली. डीएसपी मनोज कुमार, बाघमारा सीओ प्रमोद राम,  कतरास अंचल इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह मृतका के आवास पहुंची और  ग्रामीणों से वार्ता की. 
 
वार्ता में ग्रामीणों ने आत्महत्या के लिए  जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों पर केस करने व शव का पोस्टमार्टम न करने की  मांग की. इसके बाद पुलिस पदाधिकारी पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गये. काफी  मशक्कत के बाद पुलिस ने करीब छह घंटे उपरांत शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम  के लिए धनबाद भेज दिया. 
 
आरोपों की जांच होगी : ग्रामीण एसपी
ग्रामीण  एसपी अमन कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी मनोज चौहान के मोबाइल से अनिल के  मोबाइल से बातचीत के कॉल डिटेल पुलिस को मिले हैं. उसी आधार पर अनिल से  पूछताछ की जा रही थी. पुलिस अनिल की पत्नी व पुत्री से पूछताछ कर जानकारी  लेना चाहती थी. उसके लिए पुलिस सुबह अनिल के आवास गयी थी. पुलिस पर लगे  आरोपों को जांच की जायेगी.         
 
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