dhanbad

  • Aug 23 2019 8:10AM
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अवैध कोयला खनन से हो रहा राजस्व का नुकसान

 धनबाद : केंद्रीय कोयला, खान व संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अवैध कोयला खनन पर लगाम लगाने को कहा है, क्योंकि  इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है. इस बाबत वह मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे. कोयला, खान और संसदीय मंत्री का प्रभार ग्रहण करने के बाद वह पहली बार गुरुवार को कोलकाता  स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में कोल इंडिया चेयरमैन सहित सभी सहायक कंपनियों के सीएमडी के  साथ रिव्यू मीटिंग कर रहे थे. मंत्री ने कहा कि  देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने व पावर प्लांटों में कोयले  की कमी न हो, इसके लिए हमें कोयला उत्पादन में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित करनी होगी.

 
  लक्ष्य के मुताबिक कोयला उत्पादन करना होगा, तभी हम ऊर्जा जरूरतों को पूरा  कर सकेंगे. बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन एके  झा, बीसीसीएल सीएमडी पीएम प्रसाद, इसीएल सीएमडी प्रेम सागर मिश्रा, सीसीएल  गोपाल सिंह, डब्ल्यूसीएल के सीएमडी आरआर मिश्रा, सीएमपीडीआइ के सीएमडी  शेखर शरण सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
 
हर घर को 24 घंटे बिजली देना लक्ष्य : मंत्री श्री जोशी ने कहा कि हर घर को 24 घंटे बिजली देना सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए पावर प्लांटों में  कोयले की कमी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ीं जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान किया जायेगा, लेकिन कोल कंपनियां हर-हाल में लक्ष्य के मुताबिक कोयला उत्पादन व डिस्पैच सुनिश्चित करे. 
 
बीसीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कंपनी के पास सात माह का समय शेष है.  ऐसे में पूरा प्रयास होगा की कंपनी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके. उन्होंने शत-प्रतिशत क्रश कोल पावर कंपनियों को आपूर्ति होने का भी भरोसा दिया. 
 
कोयला आयात कम करने पर दिया जोर : कोयला मंत्री ने उत्पादन में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित कर कोयला आयात कम करने पर जोर दिया, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत कर देश की  आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके. उन्होंने  बीसीसीएल, इसीएल व सीसीएल  सहित कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों को  क्वालिटी के साथ  उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिये. साथ ही लक्ष्य के मुताबिक डिस्पैच  पर जोर दिया. 
 
900 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य : श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कोयला का उत्पादन व मांग बढ़ी  है. कोयला की मांग को पूरा करने के लिए इस वर्ष  900 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है
 
अवैध कोयला खनन पर अंकुश लगाने के लिए सीएम को लिखेंगे पत्र
लक्ष्य के मुताबिक कोयला उत्पादन करें कोल कंपनियां  
पावर प्लांटों में कोयले की कमी बर्दाश्त नहीं 
पावर कंपनियों को क्वालिटी कोल डिस्पैच करने का निर्देश
 
कोल इंडिया का पुनर्गठन नहीं, उद्योग को खतरा नहीं
श्री जोशी ने कहा कि कोल इंडिया का पुनर्गठन नहीं, वरन पारदर्शिता और अधिक पारदर्शिता पर  जोर दिया जा रहा है, ताकि उत्पादकता बढ़े. वैकल्पिक ऊर्जा के बढ़ते प्रयोग  से कोयला उद्योग पर खतरे की आशंका को निर्मूल बताते हुए कहा कि  कोयला उद्योग को कोई खतरा नहीं है.
 
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