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dhanbad

  • Dec 7 2017 5:24AM

झरिया में तनाव: 2 समुदाय भिड़े, पथराव, फायरिंग 100 घायल, 4 पुलिसकर्मी भी जख्मी, जानें पूरा मामला

झरिया में तनाव: 2 समुदाय भिड़े, पथराव, फायरिंग 100 घायल, 4 पुलिसकर्मी भी जख्मी, जानें पूरा मामला
जुलूस और नारेबाजी को लेकर बिगड़ा माहौल
झरिया : धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र स्थित नीचे कुल्ही में जुलूस के दौरान बुधवार दोपहर दो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ. करीब 40 मिनट तक दोनों ओर से जम कर पथराव हुआ. घटना में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं. झरिया थाने में तैनात एएसआइ अशोक कुमार सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है. सिंदरी डीएसपी के साथ हाथापाई भी की गयी. 
 
आक्रोशित लोगों ने डेढ़ दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की. पुलिस के तीन वाहन क्षतिग्रस्त कर दिये. पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पहले लाठियां चलायी, बाद में दो राउंड हवाई फायरिंग भी की. तनावपूर्ण हालात को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल  तैनात कर दिये गये. प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी  इलाके में गश्त कर रहे हैं. 
 
देर रात करीब 9:30 बजे ऊपर कुल्ही शिव मंदिर के समीप धोबी कुल्ही में तैनात पुलिस बल पर हमला किया गया. अंधेरे की वजह से हमलावरों का पता नहीं चल पाया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उपद्रवियों की  पहचान की जा रही है. विधि व्यवस्था बिगाड़नेवाले असामाजिक तत्वों को किसी  हालत में नहीं छोड़ा जायेगा. कहा जा रहा है कि जुलूस में शामिल युवक उत्तेजक नारे लगा रहे थे, जिसका विरोध करने पर घटना घटी. देर रात में पुलिस ने जुलूस में शामिल तीन लोगों को हिरासत में ले लिया. जुलूस का आयोजन बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद ने किया था. 
 
पुलिस ने दो जगह रोका था जुलूस को : सिंदरी डीएसपी प्रमोद कुमार  केशरी ने रतनजी भगवान पेट्रोल पंप के समीप जुलूस को ऊपर कुल्ही की ओर जाने  से रोक था. इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों ने डीएसपी के साथ धक्का-मुक्की की. जुलूस को चंद्रकांता पेट्रोल पंप की ओर मोड़ दिया गया.  
 
इसके बाद जुलूस में शामिल लोग वहीं  की गली से घुस कर चौथाई कुल्ही की ओर निकलने की कोशिश करने लगे, पर यहां भी पुलिस ने रोक दिया. बाद में लोग नीचे व ऊपर राजबाड़ी होकर थाना मोड़ होते हुए नीचे  कुल्ही की ओर जुलूस लेकर बढ़ गये. इलाके में उत्तेजक नारा लगाने लगे. 
 
जब नीचे कुल्ही में दोनों पक्षों में  पत्थरबाजी हो रही थी, उस समय डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी व झरिया सीओ  केदारनाथ सिंह कांटाघर के समीप एक घर के बरामदे में जा छिपे. 
 
अधिकारी कर रहे गश्त, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात : सूचना मिलने के बाद दिन के करीब 3.30 बजे ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर व एसडीओ अनन्य मित्तल मौके पर पहुंचे. आधे घंटे बाद डीसी ए दोड्डे, एसएसपी मनोज रतन चोथे व सिटी एसपी पीयूष पांडेय बड़ी संख्या में पुलिस बल को लेकर मौके पर पहुंचे. जोड़ापोखर, लोदना, बोर्रागढ़, तिसरा, धनसार, घनुडीह, भौंरा, सुदामडीह, पाथरडीह थानों से पुलिस बल को बुला लिया गया. पुलिस जवानों को नीचे कुल्ही से लेकर इंदिरा चौक, झरिया शहर, बनियाहीर तक तैनात कर दिया गया. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पुलिस टुकड़ियों के साथ अलग-अलग कई इलाकों में गश्त कर रहे हैं.
 
ये वाहन हुए क्षतिग्रस्त
 
जीप (जेएच 10एई 8902), जोड़ापोखर थाने  की पीसीआर वैन (जेएच10बीसी 5010), पुलिस वाहन(जेएच 10बीसी 9145), क्रेन डब्ल्यूबी (24आर 2903), हाइवा (जेएच10एन 4950), कार (जेएच10एस 2021), सूमो (जेएच10एके 9318), बोलेरो  (जेएच10एबी  8598), मारुति सुजुकी (जेएच10के-7816) आदि.
 
40 मिनट तक नीचे कुल्ही इलाके में पथराव, जुलूसमें उत्तेजक नारे लगाने का आरोप 
दोनों तरफ से जम कर चले पत्थर पुलिस जवानों को भी खदेड़ा
डेढ़ दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस की तीन पीसीआर वैन क्षतिग्रस्त
घायलों में झरिया थाने के एएसआइ भी
पुलिस ने दो राउंड फायरिंग की, लाठी चार्ज कर लोगों को खदेड़ा 
फोटो खींच रहे मीडिया कर्मियों को  सड़क जाम करनेवालों ने पीटा 
 
कैसे बिगड़ा माहौल
 
बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद ने झरिया के मेन रोड स्थित देशबंधु सिनेमा हॉल के समीप सभा का आयोजन किया था. दोनों संगठनों ने शौर्य दिवस पर जुलूस निकालने की योजना भी बनायी थी. 
 
दिन के करीब 12 बजे सभा स्थल से जुलूस निकला. जुलूस बाटा मोड़, इंदिरा चौक, कतरास मोड़ होते हुए 2.20 बजे थाना चौक पहुंचा. यहां जुलूस में शामिल लोगों का दूसरे समुदाय के लोगों के साथ विवाद हो गया. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और जुलूस आगे बढ़ा. दिन के करीब 2.35 बजे जुलूस नीचे कुल्ही पहुंचा. जुलूस के मार्क्स ग्रैनर ऑफ स्कूल से  आगे बढ़ते ही मोड़ पर दूसरे समुदाय के लोग सड़क को बेंच व कुर्सी लगा कर जाम कर दिया. आवागमन ठप हो गया. स्कूलों की बसें फंस गयी. इसके बाद जुलूस लौटने लगा. कुछ प्रबुद्ध लोगों  ने बस को जाम से निकाल दिया. इसी बीच दूसरे समुदाय के लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों को अपशब्द कहे. 
 
इसके बाद स्थिति बिगड़ गयी. दूसरे समुदाय के लोगों ने जुलूस पर हमला कर दिया. पत्थरबाजी शुरू कर दी.  लोगों छतों पर चढ़ कर जुलूस पर पत्थर और कोल्ड ड्रिंक्स की बाेतले फेंकने लगे. जवाब में दूसरे समुदाय के लोगों ने भी पत्थरबाजी की. देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया. 40 मिनट तक दोनों  ओर से पत्थरबाजी होती रही. घटना के बाद यहां की सभी दुकानें बंद हो गयी. लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिये. 
 

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