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devgarh

  • Jul 21 2019 4:44AM
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अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में देवघर शामिल, देवीपुर में विकसित किया जायेगा साइट

 क्या है फ्रेट कॉरिडोर 

भारतीय रेल की माल ढुलाई परिचालनों में फ्रेट कॉरिडोर को लाया गया है. यह माल ढुलाई की कारगर, विश्वसनीय, सुरक्षित व किफायती व्यवस्था की भी गारंटी मानी जाती है. कॉरिडोर से रेलगाड़ी की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. 

देवघर : गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे की मांग पर केंद्र सरकार ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में देवघर को शामिल कर लिया है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सांसद डॉ निशिकांत दुबे को पत्र लिखकर इससे संबंधित जानकारी दी है. 

 उन्होंने अपने पत्र में इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर सहमति देते हुए कहा है कि रेल मंत्रालय ने पूर्वी डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के साथ  अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की योजना बनायी है. इस योजना को 1000-2500 एकड़ से अधिक भूमि क्षेत्र के लिए पंजाब, हरियाणा के परामर्श से तैयार की गयी है. इसमें यूपी, बिहार, झारखंड व बंगाल भी शामिल हैं. रेल मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार संताल परगना के छह जिलों को औद्योगिक संभावना व प्रभावित जोन के रूप में देख रही है.

झारखंड के उत्तर-पूर्व भाग में आधारभूत संरचना व औद्योगिक निवेश के लिए संताल परगना को महत्वपूर्ण रूप से शामिल किया गया है. इस प्रोजेक्ट के रांची क्लस्टर में देवघर है. अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र को चिह्नित किया गया है. देवीपुर इस औद्योगिक गलियारे का साइट होगा. यहां इंडस्ट्रियल साइट को विकसित किया जायेगा. पहले चरण में हजारीबाग-बरही इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम हो रहा है. अगले चरण में देवघर देवीपुर को जोड़ते हुए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का काम होगा. 

जमीन चिह्नित होते ही मल्टी मॉडल फ्रेट हब पर भी काम : गोड्डा सांसद डॉ दुबे की मांग पर रेल मंत्री ने कहा है कि देवघर में मल्टी मॉडल फ्रेट हब विकसित करने का भी प्रस्ताव है़  फ्रेट हब के लिए हजारीबाग में लगभग 2597 एकड़ भूमि क्षेत्र तैयार किया गया है. राज्य सरकार से देवघर में जमीन का ब्योरा जल्द भेजने का अनुरोध किया गया था. जमीन का ब्योरा आते ही इस दिशा में भी काम होगा. देवघर मल्टी मॉडल फ्रेट हब को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कॉरपोरेशन डेवलप करने को तैयार है.

इसके बन जाने से  पूरे संताल  परगना में तेजी से आर्थिक विकास होगा. झारखंड जैसे राज्य में माल ढुलाई के लिए भूमि की  बाध्यता नहीं रहेगी. इससे विकास के द्वार भी खुलेंगे. इससे माल ढुलाई की सुविधा बढ़ने से औद्योगिक विकास होगा. हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. कोरिडोर्स के साथ नये औद्योगिक कार्यकलापों व मल्टी मॉडल सेवा केंद्रों को सहायता मिलेगी.

सांसद डॉ निशिकांत की मांग पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी सहमति  

अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरीडोर में देवघर  को शामिल करने की सहमति केंद्र सरकार ने दे दी है. देवीपुर इंडस्ट्रियल एरिया  फ्रेट कॉरीडोर से जुड़ेगा व आधारभूत संरचना विकसित होगा. माल ढुलाई की  सुविधा होने से देवीपुर में अौद्यौगिक विकास होगा. रेल मंत्री की इस  सहमति के बाद संताल परगना औद्योगिक नक्शे पर आ गया है. इसके लिए पीएम, सीएम  व रेल मंत्री को आभार है.   

- डॉ निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा

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