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devgarh

  • Feb 11 2019 7:42AM

देवघर : पालोजोरी से तीन साइबर अपराधी दबोचे गये

देवघर : पालोजोरी से तीन साइबर अपराधी दबोचे गये

 देवघर : एसपी नरेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर डीएसपी नेहा बाला ने पालोजोरी थाना क्षेत्र के कुमगढ़ा व बांधडीह गांव में छापेमारी कर तीन साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपितों में शमीम अंसारी (पिता-अलाउद्दीन अंसारी), रियाज अंसारी (पिता-नूर मुहम्मद), मो मुस्तकीम अंसारी (पिता-मो हनीफ अंसारी) शामिल हैं. इन आरोपितों के पास से नगद 7200 रुपये नकद समेत सात मोबाइल, चार सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, एक लैपटाॅप, 13 चेकबुक व 11 पासबुक बरामद किये गये हैं.

कोचिंग संचालक के उड़ाये थे 27,200 रुपये : बिहार अंतर्गत वेस्ट दरभंगा के स्पिक वेल इंग्लिश इंस्टीट्यूट दिघी के विकास कुमार के एकाउंट से 31 जनवरी को 27200 रुपये ट्रांसफर किया गया था. विकास ने ऑनलाइन शिकायत देवघर साइबर थाने में दर्ज करायी. इसके बाद लोकेशन व मोबाइल ट्रेकिंग कर देवघर साइबर थाने की पुलिस ने छापेमारी की. 
 
रियाज ने फोन कर लिया था झांसे में, अपने को बताया था समीर नाम का बैंक अधिकारी 
देवघर. साइबर डीएसपी नेहा ने बताया कि 31 जनवरी को रियाज ने विकास को मोबाइल पर कॉल कर अपना परिचय समीर नाम के बैंक अधिकारी के तौर पर दिया. विकास व उसके सहकर्मी खुशबू झा को झांसा देकर टीम विवर सॉफ्टवेयर स्टॉल कराने के बाद झांसा देकर ओटीपी ले लिया और एकाउंट से 27200 रुपये ट्रांसफर कर लिया. 
 
उक्त रुपये यश बैंक द्वारा प्रदत्त पेनियर बाइएप्स लॉगिन कराकर उड़ाये गये. जिन एकाउंट में रुपये ट्रांसफर किये गये उसके बारे में पता करने पर जानकारी मिली कि एकाउंट पालोजोरी थाना क्षेत्र के कुमगढ़ा निवासी रियाज की है. बैंकिंग चैनल से पैसे मांगने पर उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि छोटे ने लिया है. 
 
दूसरे दिन 14000 रुपये वापस भी कर दिया. बाकी के 13200 रुपये वापस करने से इनकार कर दिया. दबाव बनाने पर पांच फरवरी को भी 7000 रुपये वापस किया. 10 फरवरी को इसकी ऑनलाइन शिकायत विकास ने साइबर थाने में दिया. इसके बाद डिटेल्स निकालकर एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी छापेमारी करने पालोजोरी गयी और पहले रियाज को उठाया. रियाज की निशानदेही पर ही बाद में शमीम व मुस्तकीम को भी गिरफ्तार किया गया. 
 
साइबर डीएसपी ने पालोजोरी में की छापेमारी
नकद 7200 रुपये सहित लैपटॉप 07 मोबाइल 10 एटीएम 13 चेकबुक 11 पासबुक 04 सिम कार्ड बरामद
 
मुस्तकीम मास्टरमाइंड, दिल्ली में है मकान
साइबर  डीएसपी नेहा ने बताया कि मुस्तकीम ही ग्रुप का मास्टरमाइंड है. इसका काम  आइडी व बैंक एकाउंट का बंदोबस्त करना है. बाकी उसके साथी ग्राहक फंसाकर ठगी  करते हैं. अलग सदस्य के एकाउंट में रुपया ट्रांसफर होता है. अलग सदस्य  रुपये की निकासी करते हैं. यह भी पता चला है कि साइबर की कमाई से मुस्तकीम  ने दिल्ली में घर भी खरीदा है. विकास की ऑनलाइन शिकायत पर देवघर साइबर थाने  में एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है.
 
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