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devgarh

  • Feb 11 2019 7:41AM
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बीस सूत्री उपाध्यक्ष के छोटे बेटे की तार के फंदे से लटकी मिली लाश

सारवां :  प्रखंड बीस सूत्री उपाध्यक्ष विद्याधर दास के छोटे बेटे ताराजोरा गांव निवासी सनोज गुप्ता (25 वर्ष)की कमरे में फंदे से लटकी लाश मिलने से गांव में सनसनी फैल गयी है. मृतक सनोज ने बंद कमरे में  आत्महत्या कर ली. ग्रामीणों की सूचना पर थाना प्रभारी संतोष कुमार झा के द्वारा कमरे से मृतक की लाश को बाहर निकाला गया. जिसके गले में बिजली वायरिंग का तार लगा हुआ था. 

इस संबंध में परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह जब छोटे बेटे ने दरवाजा नहीं खोला तो पिता ने दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी. लेकिन देर तक अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर  मां के साथ परिवार के अन्य लोग और सनोज को जोर-जोर से आवाज लगाने लगे, लेकिन फिर भी दरवाजा नहीं खुला तो छेद से अंदर झांकने पर  एक बांस में रस्सी से झूलते बेटे को देखा. 

दरवाजा तोड़कर घुसी पुलिस

थाना प्रभारी के निर्देश पर जवानों के द्वारा दरवाजे को साबल से तोड़ दिया गया तो सनोज मृत पड़ा था. जिसके  गले में तार चिपका हुआ था व जीभ बाहर निकली थी. मृतक के द्वारा करकट के सहारा को लेकर छप्पर में लगाये बांस में वायरिंग का तार से फांसी लगाये जाने की बात सामने आयी. 

थाना प्रभारी संतोष कुमार झा ने कहा प्रथम दृष्टया में आत्महत्या का मामला है. मृतक ने अंदर से दरवाजे की सांकल बंद कर आत्महत्या की है. आत्महत्या के कारण का पता नहीं चला है. घटना की जानकारी पाते ही जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख भाजपा के विद्याधर दास के घर पहुंचे व मृतक के मां-पिता समेत परिजनों को सांत्वना दी.  

पुलिस के द्वारा शव का पंचनामा बना कर पोस्टमार्टम के लिये देवघर भेज दिया गया. ग्रामीणों की मानें तो सनोज घर से कुछ दूरी पर किराना दुकान  चलाता था. जो रात में दुकान की रखवाली के लिये दुकान में ही सोता था. विगत दिन सारठ से दुकान का समान लेकर आया था. देर रात तक दुकान खुली थी. 

  • सारवां के बीस सूत्री उपाध्यक्ष विद्याधर दास का बेटा था सनोज
  • किराना दुकान चलाता था सनोज
  • बीस दिन पहले बंगाल के नियामतपुर में आठ मार्च को तय हुई थी शादी
  • कमरे का दरवाजा खटखटाते रहे पिता
  • नहीं खुलने पर गेट की छेद से देखा शव
  • बेहोश हो रही थी मां, बोली: एक बार बोल देता बेटा तो पूरी करते हर बात

बीस दिन पहले बंगाल के नियामतपुर में उसकी शादी का छेंका हुुआ था व आठ मार्च को शादी की तिथि तय हुई थी. इधर मां व पिता का रो-रो कर बुरा हाल था, जो बेहोश हो रहे थे, होश आते ही एक ही बात बोलती थी  एक बार बोलता मुझे नहीं तो गांव में किसी और से बोलते तो हर हाल में उसे पूरा करते लेकिन अपनी जान क्यों दे दी. प्रमुख मुकेश कुमार, एएसआइ केसो सिंह, मुखिया शांति देवी,उप मुखिया रामचन्द्र सिंह आदि के साथ बड़ी संख्या में मृतक के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे.

 
 

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