Advertisement

devgarh

  • Jan 11 2019 8:04AM
Advertisement

देवघर में हाइस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति व पदस्थापन रद्द

देवघर  : देवघर जिले के हाइस्कूलों में शिक्षक नियुक्ति, पदस्थापन तथा पूर्व से कार्यरत व पदास्थापित सभी विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षकेत्तरकर्मियों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर दिया गया है. इस संबंध में झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक उमाशंकर सिंह ने 10 जनवरी को आदेश (संख्या-12/ले 01-21/2013) जारी कर दिया है. 
 
विभागीय निर्देशों का नहीं हुआ अनुपालन 
 निदेशक का कहना है कि विभिन्न स्रोतों से सूचना प्राप्त हो रही है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, देवघर में शिक्षकों के स्थानांतरण, पदास्थापन व प्रतिनियोजन में गंभीर अनियमितता बरती जा रही है तथा उच्च विद्यालय के नवनियुक्ति शिक्षकों व स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति तथा पदास्थापन में विभागीय निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है. 
 
विभागीय सूत्रों से जानकारी के अनुसार, देवघर जिले में 304 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जिसमें से 295 शिक्षकों ने योगदान किया था. इन सभी को नियुक्तिपत्र डाक द्वारा भेजा जा रहा है. शेष नौ अनुपस्थित रहे. 
 
योगदान के बाद नियुक्ति पत्र दिया जाना था. देर शाम इसे विभागीय वेबसाइट पर भी लोड किया जाना था. 
डीसी या डीडीसी की अध्यक्षता में हो प्रतिनियुक्ति : निर्देश है कि डीसी, देवघर स्वयं अपने अध्यक्षता में अथवा डीडीसी, देवघर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर जिला स्तरीय स्थापना समिति के माध्यम से नवनियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति प्रतिनियुक्ति तथा पदास्थापन की कार्रवाई करेंगे तथा पूर्व में की गई पदास्थापन/प्रतिनियुक्ति की समीक्षा करते हुए यथोचित कार्रवाई करेंगे. 
 
आरडीडीई जांच कर सौंपे रिपोर्ट 
निदेशालय की अोर से संताल परगना के आरडीडीई को निदेशित किया गया है कि डीइअो मोहन चांद मुकिम के पदास्थापना काल में उनके द्वारा किये गये सभी तरह की नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति/पदास्थापन के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को समर्पित करने का निर्देश दिया है.    
 
आरडीडीई को जांच के निर्देश 
देवघर जिले में 304 शिक्षकों  की प्रतिनियुक्ति की गयी है
सभी शिक्षकों को  डाक से नियुक्ति-पत्र भेजा रहा था 
वेबसाइट पर लोड किया जाना था
 
डीइअो के कार्यकाल में पदास्थापित शिक्षक मूल स्थान पर लौटेंगे
निदेशक ने निर्देश दिया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी मोहन चांद मुकिम द्वारा पूर्व में कार्यरत व पदास्थापित सभी तरह के विद्यालयों के शिक्षकों  व शिक्षकेत्तर कर्मी तत्काल प्रभाव से मूल कार्यस्थल/विद्यालय/कार्यालय में योगदान करना सुनिश्चित करेंगे. अन्यथा की स्थिति में आदेश उल्लंघन के लिए नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई की बाध्यता होगी. 
 
अनियमितता के उदाहरण  
झारखंड राज्य के 17,500 अभ्यर्थियों में से परीक्षा में टॉपर रहने वाले देवघर निवासी रामाशीष शरण तिवारी भी इस नवनियुक्त शिक्षकों व स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से संतुष्ट नहीं थे. उनसे साहिबगंज व पाकुड़ जिले में प्रतिनियुक्ति के लिए चयनित शिक्षकों से अॉफिशियल प्रीफरेंस मांगा.
 
 उसमें मेरिट को प्रमुखता दिया गया. मगर देवघर में प्रतिनियुक्ति में पारदर्शिता नहीं बरती गयी. टॉपर को भी मुख्यालय से 70 किमी दूर प्रतिनियुक्त कर दिया गया. जबकि यूपी से आये अभ्यर्थी को देवघर शहर में प्रतिनियुक्ति कर दिया गया.
 

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement