Delhi

  • Dec 9 2019 11:40AM
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नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोस में तीखी बहस, शाह बोले - कांग्रेस साबित करे भेदभाव, ले लूंगा वापस

नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोस में तीखी बहस, शाह बोले - कांग्रेस साबित करे भेदभाव, ले लूंगा वापस
नयी दिल्लीः नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर चल रहे तमाम विवादों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में बिल को पेश किया. कांग्रेस, एनसीपी और कुछ विपक्षी दल ने इस बिल का जमकर विरोध किया. विपक्षी पार्टियों का कहना कि धर्म के आधार पर नागरिकता दी जा रही है.  पढ़े लाइव अपडेट्स
 
* वाईएसआरसीपी के सांसद मिधुन रेड्डी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा, हम इस विधेयक का समर्थन करते हैं, लेकिन हमारी कुछ चिंताएं भी हैं, हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमारी चिंताओं पर ध्यान देगी.
 
* डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने कहा, संभवतः पश्चिमी देशों का डर, पश्चिम द्वारा अलग-थलग पड़ने का डर आप में समा गया है और आपको इस बिल में ईसाइयों को शामिल करना पड़ा. इसके अलावा अगर पीओके के मुस्लिम आना चाहते हैं तो क्या होगा? उसके लिए आपके पास क्या कानून है?.
 
* मणिपुर के शिक्षा मंत्री थोकचोम राधेश्याम सिंह ने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं होना चाहिए. लेकिन लोग बहुत राजनीति कर रहे हैं, खासकर कांग्रेस. उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. मणिपुर में या कहीं और बिल का कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन लोगों को उकसाया जा रहा है.
 
* कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नागरिकता विधेयक के विरोध में कहा, हम इस बिल के विरोध में हैं, क्‍योंकि यह बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के खिलाफ है. उन्‍होंने कहा, यह धारा 14, 15, 21, 25 और 26 के खिलाफ है. यह विधेयक असंवैधानिक है और समानता के मूल अधिकार के खिलाफ है. उन्‍होंने कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि जब हम नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं करते तो नागरिकता देने में भेदभाव क्यों किया जा रहा है.
 
* गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है तथा 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के 130 करोड़ लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाकर इसकी मंजूरी दी है.
 
शाह ने लोकसभा में विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिए रखते हुए कहा कि हम पूर्वोत्तर की स्थानीय संस्कृति एवं रीति रिवाज का संरक्षण करने के लिये प्रतिबद्ध हैं. गृह मंत्री ने कहा कि हम पूर्वेात्तर के लोगों का आह्वान करते हैं कि वे किसी उकसावे में नहीं आएं. उन्होंने कहा कि यह विषय हमारे घोषणापत्र में शामिल रहा है जो जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है. शाह ने कहा, क्या केवल नेता के चेहरे, परिवार के नाम पर चुनाव लड़ने चाहिए.
 
शाह ने कहा कि यह विधेयक ऐसे लाखों करोड़ों लोगों को ‘नरक की यातना' से निकालेगा जो पड़ोसी देशों से भारत आने पर मजबूर हुए और यहां उन्हें कोई भी अधिकार नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी के साथ अन्याय करने वाला नहीं, केवल न्याय करने वाला है.
लोग 70 साल से इस न्याय का इंतजार कर रहे थे. गृह मंत्री ने विपक्ष के सदस्यों के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार अल्पसंख्यकों की बात हो रही है तो क्या बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आए शरणार्थी अल्पसंख्यक नहीं हैं जो धार्मिक आधार पर यातनाएं सहने के कारण वहां से भारत आए.
 
उन्होंने कहा कि संविधान सभा ने पंथ निरपेक्षता की बात कही थी, हम उसका सम्मान करते हैं और उसे आगे ले जाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि किसी के भी साथ धार्मिक आधार पर दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए. शाह ने कहा कि घुसपैठियों और शरणार्थियों की अलग पहचान करना भी जरूरी है. गृह मंत्री ने कहा कि राशन कार्ड या किसी दस्तावेज के बिना भी शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा, कांग्रेस के सदस्य साबित कर दें कि विधेयक भेदभाव करता है तो मैं विधेयक वापस ले लूंगा.
 

* आर्म्स अमेंडमेंट बिल 2019 लोकसभा से पारित
 
- गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश आर्म्स अमेंडमेंट बिल 2019 पेश किया है
 
- लोकसभा में नागरिकता बिल पेश होगा. पेश होने के लिए जो वोटिंग हुई उसमें 293 हां के पक्ष में और 82 विरोध में वोट पड़े. लोकसभा में इस दौरान कुल 375 सांसदों ने वोट किया.

 
- शाह ने कहा कि इस बिल की जरूरत कांग्रेस की वजह से पड़ी. धर्म के आधार पर कांग्रेस ने देश का विभाजन किया. इस बिल की जरूरत नहीं पड़ती अगर कांग्रेस ऐसा नहीं करती, कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश को बांटा.
 
- शाह ने इस दौरान कहा कि हमारे देश की 106 किमी. सीमा अफगानिस्तान से सटी है, ऐसे में उसे शामिल करना जरूरी था. मैं इसी देश का हूं और भूगोल जानत हूं. शायद ये लोग पीओके को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं.
 
- विपक्षी नेताओं की तरफ से आर्टिकल 14 पर जो सवाल खड़े किए गए, उसपर अमित शाह जवाब दे रहे हैं. अमित शाह ने इस दौरान कहा कि इस बिल में संविधान का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.
 
- असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सेक्युलिरिज्म इस मुल्क का हिस्सा है, ये एक्ट फंडामेंटल राइट का उल्लंघन करता है. ये बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हो रहा है. इस मुल्क को इस कानून से बचा ले लीजिए, गृह मंत्री को बचा लीजिए.
 
- TMC सांसद सौगत राय ने लोकसभा में कहा कि आज संविधान संकट में है. इसके बाद बीजेपी के सदस्यों ने उनके बयान का विरोध किया. बीजेपी के हंगामें के दौरान टीएमसी सांसद बोले- मारेंगे क्या, मारेंगे क्या मुझे?
 
- नागरिकता संशोधन विधेयक पेश होने के बाद लोकसभा में टीएम सांसद सोगत राय ने कहा कि गृह मंत्री नए हैं, उन्हें शायद नियमों की जानकारी नहीं है.इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया. 
 
-  कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आर्टिकल 13, आर्टिकल 14 को कमजोर किया जा रहा है
-   अमित शाह ने लोकसभा में नागरिकता बिल को पेश किया. इसपर अधीर रंजन चौधरी ने विरोध जताया जिसपर अमित शाह ने जवाब दिया. अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि ये बिल कहीं पर भी इस देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है.
 
- लोकसभा में अमित शाह ने जैसे ही आज नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया, विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे। इस पर गृह मंत्री ने खड़े होकर साफ कहा कि वह अभी बिल पेश कर रहे हैं और विपक्षी सांसदों के एक-एक सवालों का जवाब देंगे, तब आप वॉकआउट मत करिएगा। शाह ने यह भी कहा कि यह बिल 0.001 प्रतिशत भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है.
 
- लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह नागरिकता संशोधन विधेयक पर बोल रहे हैं. कांग्रेस सदस्य हंगामा कर रहे हैं.लोकसभा अध्यक्ष बार बार शांत रहने की सलाह दे रहे हैं.

 
लोकसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद यानी 12 बजे नागरिकता संशोधन बिल पेश किया जाएगा. इसके बाद पर चर्चा शुरू होगी. सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू बहस की शुरुआत करेंगे. इसके अलावा एस एस अहलुवालिया, सत्यपाल सिंह और राजेंद्र अग्रवाल भी बोलेंगे. कांग्रेस से मनीष तिवारी, अधीर रंजन चौधरी और गौरव गोगोई बोलेंगे. तृणमूल कॉंग्रेस से अभिषेक बनर्जी नागरिकता संशोधन बिल पर बहस में हिस्सा लेंगे.
 
 
11:27 AM बीजेपी सांसद विजय गोयल ने राज्यसभा में उठाया दिल्ली में लगी आग का मुद्दा, बता दें कल दिल्ली के अनाज मंडी में आग लगने से करीब 43 लोगों की मौत हो गई थी.
 
 11:24 AM नागरिकता संशोधन विधेयक पर  AIUDF नेता बदरुद्दीन अजमल ने कहा, यह बिल संविधान और हिंदू मुस्लिम एकता के खिलाफ है. हम इसे रिजेक्ट करते हैं, विपक्ष हमारे साथ है. हम इस बिल को पास नहीं होने देंगे.
 
11:06  गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंच चुके है. बता दें कि आज लोकसभा में 12 बजे  नागरिक संशोधन बिल (CAB) पेश करेंगे.
 
10:55 AM नागरिकता संशोधन बिल  के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के सांसदों ने संसद भवन में महात्मा गांधी के मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन किया.
 
10:46 AM प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में पेश होगा सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिलः प्रह्लाद जोशी
 
10:34 AM केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- यह विधेयक पूर्वोत्तर राज्यों और देश के हित में है. विधेयक को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल जाएगी.
 
शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है कि महाराष्ट्र में सरकार अपनी जगह है, लेकिन देश के प्रति कमिटमेंट एक जगह है. इसलिए हम लोग इस बिल का समर्थन करेंगे. दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी ने साफ कहा है कि धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश है जिस को स्वीकार नहीं किया जाएगा. वहीं कांग्रेस का मानना है कि भारत में किसी के साथ धर्म समुदाय और संस्कृति के आधार से भेदभाव नहीं होना चाहिए और बिल के जरिए धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश की जा रही है. यह बिल विभाजनकारी है. संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. इसलिए इस बिल का पुरजोर विरोध किया जाएगा.
 
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