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Delhi

  • Dec 3 2019 7:40AM
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भारत में सुस्ती भरे माहौल में भी 9.2 फीसदी बढ़ेगी सैलरी

भारत में सुस्ती भरे माहौल में भी 9.2 फीसदी बढ़ेगी सैलरी
  •   कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फॉरकास्ट की रिपोर्ट, 4.9% रह सकती है वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 2020 में

नयी दिल्ली : नये साल में भारतीयों के वेतन में इजाफा होने की उम्मीद है. कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फॉरकास्ट की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2020 में वेतनभोगियों की सालाना औसत वेतन वृद्धि 9.2 फीसदी होने की उम्मीद है. हालांकि, यह पिछले साल के 10 फीसदी से कम है. वहीं, पांच फीसदी इजाफा मजदूरी में भी होगा.  

भारत का 9.2% का वेतन वृद्धि अनुमान एशिया में सबसे अधिक है, लेकिन महंगाई के कारण वास्तविक वेतन वृद्धि महज पांच फीसदी ही रहने का अनुमान है. कॉर्न फेरी इंडिया के चेयरमैन और क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक नवनीत सिंह का कहना है कि दुनियाभर में लोगों की वेतन वृद्धि प्रभावित हो रही है. इसके बावजूद भारत में इसकी वृद्धि दर काफी मजबूत है.

एशियाई देशों में सबसे अधिक वेतन वृद्धि भारत में रहने का अनुमान
जापान में सबसे कम वेतन वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 4.9 फीसदी रहने का अनुमान है. वैश्विक स्तर पर महंगाई दर 2.8 फीसदी रह सकती है. इस कारण वास्तविक वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 2.1 फीसदी रह सकती है. 
 
एशिया में औसत वेतन वृद्धि 5.3 फीसदी, महंगाई दर 2.2 फीसदी और वास्तविक औसत वेतन वृद्धि 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है. एशियाई देशों में इंडोनेशिया में वेतन वृद्धि 8.1 फीसदी, चीन में 6 फीसदी, मलयेशिया में 5 फीसदी और कोरिया में 4.1 फीसदी  रहने का अनुमान है. जापान में सबसे कम 2 फीसदी और ताइवान में 3.6 फीसदी वेतन वृद्धि रह सकती है.
 
एक अन्य रिपोर्ट में 10 फीसदी वृद्धि का अनुमान
इससे पहले ब्रोकिंग एंड सॉल्यूशंस कंपनी विलिस टावर्स वॉटसन ने नवंबर में जारी ‘बजट प्लानिंग रिपोर्ट’ में 2020 में भारत में लोगों के वेतन में 10 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया था. यह रिपोर्ट विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में मौजूद अलग-अलग नौकरियों के अध्ययन के बाद तैयार की गयी है.
 
महंगाई के बावजूद अधिक रहेगी वृद्धि
कॉर्न फेरी इंडिया के एसोसिएट क्लाइंट पार्टनर रूपांक चौधरी का कहना है कि 2020 में भारत में औसत वेतन वृद्धि 9.2 फीसदी रह सकती है, लेकिन महंगाई के समायोजन के बाद वास्तविक वेतन वृद्धि 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत वेतन वृद्धि से अधिक है. उन्होंने कहा कि धीमी और कम वेतन वृद्धि के साथ कंपनियां अपने प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों का चुनाव करना जारी रखेंगी. 
 
इसके अलावा, कारोबार की बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए निश्चित वेतन में धीमी वृद्धि देखी जाती है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रदर्शन प्रोत्साहन (अल्प और दीर्घकालिक) सहित कुल वेतन में एक स्थिर वृद्धि जारी रहेगी. यह आंकड़ा 130 से अधिक देशों के 25,000 संगठनों के दो करोड़ से अधिक कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है.  
 
 
 
 
 
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