Delhi

  • Jan 8 2020 8:11AM
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Bharat Bandh : भारत बंद का मिला जुला असर, पश्‍चिम बंगाल से आयी हिंसा की खबर

Bharat Bandh : भारत बंद का मिला जुला असर, पश्‍चिम बंगाल से आयी हिंसा की खबर

नयी दिल्ली:  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 'भारत बंद' के आह्वान का बुधवार को देश में मिला जुला असर देखने को मिला. ट्रेड यूनियन कर्मचारियों के इसमें शामिल होने के कारण बंद के शुरुआती घंटों में बैंकिंग सेवाओं, रोडवेज सेवाओं पर आंशिक असर नजर आया. जानें किस राज्य में भारत बंद का क्या असर दिखा. 

-आंध्र प्रदेश का हाल : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को 'भारत बंद' के आह्वान पर विशेषकर विशाखापत्तनम में सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों में अधिकतर कर्मचारी नदारद रहे. अधिकतर बैंक भी बंद रहे. केन्द्र सरकार की नीतियों के विरोध में, आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों में वाम दलों और ट्रेड यूनियनों द्वारा रैलियां निकाली गईं. विजयवाड़ा में राधम सेंटर से लेनिन सेंटर तक रैली निकाली गयी. मचिलिपत्नाम में कोनेरू सेंटर से रैली निकाली गयी. तिरुपति से मिली खबरों के अनुसार पुलिस ने युवा संगठनों को ‘शव यात्रा' में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले ले जाने से रोका. विजयवाड़ा में आरटीसी बस अड्डे के बाहर राजमार्ग पर धरना दे रहे कांग्रेस, भाकपा और माकपा नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. सीपीआई के राज्य सचिव के रामकृष्ण ने अपने और माकपा तथा कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की. उन्होंने कहा कि हमने महज भाजपा नीत केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बंद का आह्वान किया लेकिन पुलिस उग्रता दिखा रही है.

-नगालैंड में जनजीवन सामान्य नजर आया, लेकिन पोस्टल सर्विसेज पर भारत बंद का असर साफ दिखा.

-भारत बंद का पंजाब और हरियाणा में सार्वजनिक बैंकों, परिवहन विभाग, डाक घर पर असर नजर आया. सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल में हिस्सा लेने से पंजाब और हरियाणा में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा. ट्रेड यूनियन कर्मियों ने पंजाब में लुधियाना, जालंधर और बठिंडा सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

-सरकार की ‘‘जन-विरोधी' नीतियों के खिलाफ मजदूर संगठनों की ओर से बुलायी गयी हड़ताल के दौरान गोवा में जनजीवन प्रभावित रहा. ‘गोवा कन्वेंशन ऑफ वर्कर्स' के बैनर तले विभिन्न मजूदर संगठनों ने पणजी के आजाद मैदान में एक जनसभा की. राष्ट्रीयकृत सहित अधिकांश बैंक सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, जबकि कुछ निजी उद्योगों में बंद का असर दिखा. एटक महासचिव क्रिस्टोफर फोंसेका ने आजाद मैदान में मौजूद करीब 2000 लोगों को संबोधित करते हुए कर्मचारियों से ‘‘ केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों' के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पूंजीवाद समर्थक केंद्र की नीतियों ने ‘‘ मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है.'
 

-पंजाब: अमृतसर में भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को बंद करा दिया है.

-इधर, कूचबिहार में भारत बंद के समर्थक प्रदर्शनकारियों ने एक बस में तोड़फोड़ कर दी है. राजधानी कोलकाता में ट्रेड यूनियन्स द्वारा बुलाये गये भारत बंद के दौरान सड़क पर ही टीएमसी और एसएफआई कार्यकर्ता भिड़ गये.

-पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने वामदलों और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम हड़ताल की इजाजत नहीं देंगे, जो ऐसी कोशिश कर रहे हैं, उनका बंगाल में कोई राजनीतिक आधार नहीं है.

-ओडिशा का हाल : मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की ‘‘जनविरोधी नीतियों' के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलायी गयी देशव्यापी हड़ताल के कारण समूचे ओडिशा में बुधवार को जनजीवन प्रभावित रहा. ओडिशा के कई हिस्सों में ट्रेन एवं बस सेवाएं प्रभावित रहीं. ट्रेड यूनियन कर्मियों ने 24 घंटे की हड़ताल के समर्थन में रेल पटरियों और सड़कों को जाम किया. वाम दलों एवं कांग्रेस के समर्थक भी बंद की हिमायत में सड़कों पर उतरे. राज्य के अधिकतर हिस्सों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे. बैंकिंग संचालन भी प्रभावित रहे. अस्पतालों और एंबुलेंस जैसी आपात सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है. राज्य सरकार ने कर्मचारियों को अपने संबंधित दफ्तरों में जल्दी पहुंचने के लिए पहले ही दिशानिर्देश जारी किये थे. हड़ताल के कारण किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य की राजधानी भुवनेश्वर समेत कई जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिये गये हैं. भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनूप साहू ने बताया कि हड़ताल के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 15 प्लाटून (प्रत्येक प्लाटून में 33 जवान) तैनात किये गये हैं. 

-असम का हाल: केंद्र की ‘‘जनविरोधी नीतियों' के खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलायी गयी हड़ताल के कारण बुधवार को असम में आम जनजीवन प्रभावित रहा और सड़कों से वाहन नदारद रहे तथा दुकानें भी बंद रहीं। दुकानें और बाजार बंद रहे, लेकिन दवा की दुकानें खुली रहीं. शैक्षणिक संस्थान खासकर स्कूल बंद रहे. कॉलेजों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में पूर्वनिर्धारित परीक्षाएं सामान्य तरीके से आयोजित हुईं. अधिकतर निजी कार्यालय बंद रहे लेकिन राज्य सरकार के कार्यालय खुले रहे. हड़ताल के दौरान सरकारी दफ्तरों में कामकाज सामान्य रूप से चले इसे सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मंडल आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को मंगलवार को दिशानिर्देश जारी किये था और वेतन कटौती एवं अन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. समूचे राज्य में अधिकतर बैंक बंद रहे.

-केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 'भारत बंद' के आह्वान का बुधवार को राजस्थान में मिला जुला असर देखने को मिला. बंद के शुरुआती घंटों में बैंकिंग सेवाओं, रोडवेज सेवाओं पर आंशिक असर नजर आया. बैंक कर्मचारियों की यूनियन के प्रतिनिधि महेश मिश्रा ने बताया कि जयपुर में एलआईसी भवन के सामने प्रदर्शन किया गया जिसमें बैंक और एलआईसी कर्मचारियों ने भाग लिया. राजस्थान रोडवेज के सीटू से संबद्ध कर्मचारी भी हड़ताल में भाग ले रहे हैं. राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव किशन सिंह राठौर ने कहा कि रोडवेज में सीटू से जुड़े लगभग 3,000 कर्मचारी हैं जो भारत बंद में भाग ले रहे हैं. हड़ताल का असर चूरू, गंगानगर, सीकर में बसों के संचालन पर पड़ा है. हालांकि जयपुर शहर में बाजार खुले हैं और सार्वजनिक परिवहन सेवा पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है.

-अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने बताया कि बैंक कर्मचारियों ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि हमने बैंक विलय, निजीकरण, शुल्क वृद्धि और वेतन से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया है. ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एंप्लॉयज एसोसिएशन (एआईआरबीईए) और ऑल इंडिया रिजर्व बैंक वर्कर्स फेडरेशन (एआईआरबीडब्ल्यूएफ) और कुछ बीमा यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है.

-दस केंद्रीय मजदूर संगठनों की ओर से बुलायी गयी देशव्यापी हड़ताल में बैंक कर्मचारियों के शामिल होने से बुधवार को बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा. हड़ताल की वजह से देश में कई जगहों पर सार्वजनिक बैंकों की शाखाओं में नकदी जमा करने और निकालने समेत अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं. ज्यादातर बैंक पहले ही अपने ग्राहकों को हड़ताल और उससे बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर के बारे में ग्राहकों को बता चुके हैं.

-गाजियाबाद में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. भारत बंद का राजधानी दिल्ली में आम जनजीवन पर असर नहीं हुआ. 

-केरल में ट्रेड यूनियन्स ने कोच्चि में संयुक्त मार्च निकाला. वहीं तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भारत बंद का असर नजर आ रहा है. माउंट रोड पर प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं.

-शिवसेना ने ट्रेड यूनियन्स द्वारा बुलाए गये भारत बंद को अपना समर्थन दिया है. पार्टी ने केंद्र सरकार पर उसकी नीतियों और फैसलों को लेकर निशाना भी साधा है. उद्धव सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि राज्य सरकार भारत बंद का समर्थन करती है. केंद्र सरकार मजदूर-विरोधी सरकार है.

-भारत बंद को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी अपना समर्थन दिया है. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मोदी-शाह सरकार की जनविरोधी और मजदूरविरोधी नीतियों ने बेरोजगारी की समस्या खड़ी कर दी है...मोदी ने अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाया जिससे हमारे पीएसयू कमजोर हुए हैं. आज 25 करोड़ कर्मचारियों ने भारत बंद बुलाया है...मैं उन्हें सलाम करता हूं...

-कारोबारी नगरी मुंबई का हाल : भारत पेट्रोलियम में विनिवेश के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ बीपीसीएल कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. 

-कर्नाटक के मदिकेरी में प्रदर्शनकारियों ने राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस में तोड़फोड़ की है. 

-केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, राष्ट्र विरोधी व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ देश के कई श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आज हड़ताल की घोषणा की है जिसका असर दिखने लगा है. पश्चिम बंगाल में 10 ट्रेड यूनियनों का भारत बंद सुबह से ही नजर आने लगा. यहां प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा में ट्रेन रोक दी है.






सिलीगुड़ी की तस्वीर: हेलमेट पहनकर बस ड्राइव करता चालक





झारखंड के बोकारो में भारत बंद का असर सुबह-सुबह नजर आया.  देशव्यापी आंदोलन भारत बंद के दौरान आज बोकारो के बीएसएल के पास झारखंड पुलिस एवं आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. यह घटना तब हुई जब आंदोलनकारी बोकारो स्टील प्लांट के पास सेक्शन गेट से प्लांट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे. पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों को अंदर जाने से बलपूर्वक रोकने का प्रयास कर रहे थे, तभी दोनों तरफ से धक्का-मुक्की हो गई, हालांकि पुलिस ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन करने की अपील की. केंद्र सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ मजदूर संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है. मजदूरों से बीएसएल प्लांट में काम नहीं करने की भी अपील की है. मालूम हो कि भारत बंद के बावजूद भी स्टील प्लांट में काम शुरू है. प्रोडक्शन पर किसी तरह का कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है. वैसे आंदोलनकारी बीएसएल के सभी गेटों पर जमे हुए हैं तथा सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं.





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