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darbhanga

  • Jul 28 2016 12:53AM

संस्कृत विवि में बनेगा तारामंडल

दरभंगा  : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि में अब खगोल शास्त्र के ज्ञान का अर्जन किया जा सकेगा. यहां ज्योतिष विज्ञान आधारित तारामंडल का निर्माण होगा. यह तारामंडल राष्ट्रीय स्तर का होगा. दिल्ली के जंतर-मंतर व जयपुर के तारामंडल से अधिक आधुनिक व विकसित होगा.

बुधवार को विवि की योजना व मूल्यांकन समिति ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी. राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत इसका निर्माण किया जायेगा. वीसी डाॅ देवनारायण झा की अध्यक्षता में विवि में हुई विवि स्तरीय समिति की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया. इस पर समिति ने अपनी मुहर लगा दी. योजना व मूल्यांकन समिति की बैठक में यह प्रस्ताव पहुंचा. 

संस्कृत विवि में
इस समिति ने भी अपनी सहमति दे दी. 
 
प्रो-वीसी डाॅ नीलिमा सिन्हा ने प्रभात खबर से खास बातचीत में कहा कि इसका निर्माण आधुनिक खगोल विद्या से जोड़कर किया जा रहा है. इसके मूल में ज्योतिष शास्त्र ही रहेगा, लेकिन खगोल शास्त्र के प्रति जिज्ञासु लोग भी तारामंडल से व्यापक जानकारी हासिल कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर व जयपुर के तारामंडल से यह आधुनिक होगा. इनके निर्माण के बाद से खगोल शास्त्र ने काफी प्रगति की. नये अनुसंधान हुए. संस्कृत विवि में बननेवाले इस तारामंडल नें ग्रह व नक्षत्रों की जानकारी सहजता से उपलब्ध करायी जायेगी. साथ ही ज्योतिष शास्त्र की गणना को इसमें पिरोया जायेगा. रूसा ने संस्कृत विवि को नैक मूल्यांकन के बाद बीस करोड़ की राशि प्रदान की है. इसी राशि से इस योजना को धरातल पर उतारा जायेगा.
जंतर-मंतर व जयपुर के तारामंडल से होगा अधिक विकसित
खगोलीय विद्या से जोड़ शोधार्थी हासिल कर सकेंगे ज्योतिष ज्ञान
विश्वविद्यालय की समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
 
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