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darbhanga

  • Jan 15 2015 5:22AM

कई रेलखंडों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें

रेलवे : अंतिम सहमति के लिए रेल मुख्यालय ने बोर्ड को भेजा प्रस्ताव
दरभंगा : रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है. आनेवाले दिन में उत्तर बिहार के कई रेल खंडों पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेगी. इसके लिए पूर्व मध्य रेल मुख्यालय ने अंतिम सहमति के लिए बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. 
 
वहां से हरी झंडी मिलते ही इस दिशा में काम आरंभ हो जायेगा. इसके लिए मुख्यालय ने 746.64 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है. इसमें अधिकांश खंड समस्तीपुर मंडल से जुड़े हैं. इसके तहत 770 किलोमीटर लंबे रेल खंड का विद्युतीकरण किया जायेगा. इसमें दरभंगा से जुड़े दो रेल खंड शामिल हैं.
 
रेल के आधुनिकीकरण की योजना के तहत उत्तर बिहार के कई रेल खंडों के विद्युतीकरण की योजना है. इसके लिए रेल मुख्यालय ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. विभागीय सूत्र के अनुसार 12 जनवरी को इस आशय का प्रपोजल पूर्व मध्य रेल हाजीपुर मुख्यालय से बोर्ड को भेजा गया है. इसमें महत्वपूर्ण खंडों को शामिल किया गया है. इसमें दरभंगा से जयनगर व रक्सौल से समस्तीपुर तक विद्युतीकरण का प्रस्ताव है.
 
दूसरी खंड भी दरभंगा से होकर गुजरती है. इस सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए नया ट्रैक व प्लेटफॉर्मो का निर्माण होगा.
इन खंडों के लिए प्रस्ताव
 
मुख्यालय ने चार महत्वपूर्ण खंडों के लिए विद्युतीकरण का प्रस्ताव भेजा है. इसमें 68 किमी लंबे दरभंगा से जयनगर खंड के लिए रेल रूट 81 किमी, समस्तीपुर से भाया दरभंगा, सीतामढ़ी रक्सौल तक 188 किमी लंबे खंड के लिए रेल रूट 231 किमी,मानसी-सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया-कटिहार 142 किमी लंबे खंड के लिए रेल रूट 172 किमी व वाल्मीकिनगर से नरकटियागंज भाया मुजफ्फरपुर 210 किमी लंबे खंड के लिए रेल रूट 286 किमी के विद्युतीकरण का प्रपोजल भेजा गया है. 
 
इन सभी के लिए 746.64 करोड़ का एस्टीमेट बोर्ड को सौंप दिया गया है. यहां बता दें कि रेल खंड की लंबाई निर्धारित स्टेशनों के बीच की दूरी के आधार पर होती है, वहीं रेल रूट में मुख्य मार्ग के साथ ही यार्ड को भी जोड़ा जाता है.
 
अपग्रेड होगा प्लेटफॉर्म
 
इलेक्ट्रिक ट्रेन का परिचालन वर्तमान प्लेटफॉर्म पर नहीं हो सकता. यात्रााियों की सुरक्षा की दृष्टि से इसे उन्नत करना होगा. जाहिर है इस रूट के सभी प्लेटफॉर्मो को इस लायक बनाया जायेगा. 
 
अभी इन सभी रूट के सभी स्टेशनों पर सामान्य प्लेटफॉर्म हैं. एक भी स्टेशन डीएमयू ट्रेन के परिचालन के लायक नहीं है. ज्ञातव्य हो कि इलेक्ट्रिक ट्रेनें चंद पल में ही तेज गति पकड़ लेती है.
 
कम समय में पूरी होगी यात्रा
 
इलेक्ट्रिक ट्रेन के चलने से समय की काफी बचत होगी. लंबी दूरी की यात्रा कम समय में यात्री पूरी कर पायेंगे. अभी 38 किलोमीटर दूर समस्तीपुर जाने में गाड़ियों को 50 मिनट से 1.10 घंटा लगता है, विद्युतीकरण हो जाने के बाद यह समय सीधे आधी हो जायेगी. मतलब दरभंगा से समस्तीपुर जाने में महज 20 से 30 मिनट लगेंगे. इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.
बदला जायेगा रेलवे ट्रैक
इस नजरिये से रेल ट्रैक को भी बदला जायेगा. अभी शॉर्ट वेटेड रेल ( एसडब्ल्यूआर) ट्रैक पर गाड़ियों का परिचालन हो रहा है. इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन संभव नहीं होगा. इसके लिए लांग वेटेड रेल (एलडब्ल्यूआर) बिछाना होगा. विद्युतीकरण के साथ ये काम भी हो जायेगा. एलडब्लूआर लाइन बिछाने से ट्रेनों की स्पीड में इजाफा होगा वही यात्रा भी काफी आरामदायक होगी. सनद रहे कि समस्तीपुर मंडल में मात्र मुख्यालय स्टेशन से ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन
हो रहा है.
 
रेलखंड की दूरी
 
रेल खंड                   लंबाई (किमी में)                  राशि (करोड़ में)
दरभंगा-समस्तीपुर                81                                                     81.34
समस्तीपुर-रक्सौल               231                                                   213.91
वाल्मीकिनगर-मुजफ्फरपुर    286                                                   271.80
मानसी-कटिहार                    172                                                   161.59
 
कहते हैं सीनियर डीसीएम
 
विद्युतीकरण के लिए समस्तीपुर मंडल से प्रस्ताव भेजा गया था.पूर्व मध्य रेल (विद्युतीकरण) के स्तर से इस प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड को भेजा जाना है. जानकारी मिली है कि यह प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है. बोर्ड के द्वारा स्वीकृति मिलने के साथ ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई होगी.
जफर आजम, पीआरओ सह सीनियर डीसीएम समस्तीपुर मंडल

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