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crime

  • Aug 15 2019 3:25AM
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रेलकर्मी समेत चार को 20-20 साल की सजा

 बेतिया : प्रेम जाल में फंसाकर नाबालिग छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप के मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विजय कुमार ने चार दोषियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनायी है. साथ ही सभी पर 1.15 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है.

जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर उन्हें दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. जिन्हें सजा सुनायी गयी है, उनमें सुजीत राम, सुर्दशन राम, संजय राम व दीपक राम शामिल हैं. सभी मुफस्सिल थाने के अमवा मझार के रहने वाले हैं. सभी को जेल भेज दिया गया है. चारों आपस में दोस्त व पड़ोसी बताये जा रहे हैं. इसमें सुदर्शन राम रेलकर्मी है. विशेष लोक अभियोजक वेदप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि अमवा मझार की एक नाबालिग बच्ची अपने परिजनों के साथ हरिवाटिका चौक पर रहकर पढ़ाई करती थी.

30 अक्तूबर 2017 को उक्त बच्ची शहर के ही एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जा रही थी. इसी दौरान रास्ते से आरोपितों ने मिलकर अगवा कर लिया और ट्रेन से गोरखपुर ले गये. वहां से पुन: बगहा लाकर एक रेलवे क्वार्टर में उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. बाद में बगहा पटखौली थाने की पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसे परिजनों के हवाले किया था. 

 
घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने बेतिया मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मामले की सुनवाई महज दो वर्षों में पूरा करते हुए न्यायाधीश ने भादंवि की धारा 363 में पांच-पांच वर्ष, 366 ए में सात-सात वर्ष व 376 डी में 20 वर्ष तथा पाक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत 10 वर्ष की कठोर कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनायी है. न्यायाधीश ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है.
 
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