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crime

  • Aug 14 2019 2:03AM
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चार नाबालिगों ने सांसद की गाड़ी पर फेंके थे पत्थर, भेजे गये रिमांड होम

  •  सड़क किनारे बैठे थे, गाड़ी गुजरने से पानी का छींटा पड़ा, तो गुस्से में फेंका पत्थर
  • सोमवार की रात इटकी के गढ़गांव में किया गया था पथराव
  • छह नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में लिया था, दो को पीआर बांड पर छोड़ा
रांची/इटकी : डेंडराइट और गांजा का सेवन करने वाले चार नाबालिगों ने राज्यसभा सांसद समीर उरांव की गाड़ी पर सोमवार की रात इटकी थाना क्षेत्र के गढ़गांव में पत्थराव किया था. चारों को इटकी पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर डुमरदगा स्थित बालसुधार गृह भेज दिया. उनके पास से गांजा पीने का चिलम भी पुलिस ने  बरामद किया है. 
 
पूछताछ में चारों ने पथराव की बात स्वीकार कर ली है. कहा कि वे लोग रोज की तरह नशा का सेवन सड़क के किनारे कर रहे थे. तभी तेजी से एक स्कार्पियो गाड़ी गुजरी. इससे सड़क पर जमा पानी का छींटा उन पर पड़ा. इससे गुस्सा होकर उनलोगों ने गाड़ी पर पथराव कर दिया. उन्हें नहीं पता था कि उक्त गाड़ी में सांसद जा रहे हैं. 
 
इस घटना से पूर्व नौ-दस अगस्त को भी एक गाड़ी पर पथराव किया गया था. मामले में सांसद के बयान पर दर्ज मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला किये जाने सहित अन्य आरोपों को लेकर धारा 307, 34 व 427 के तहत कांड संख्या 40/19 दर्ज किया गया था. 
 
 पुलिस ने अनुसंधान के दौरान छह नाबालिगों को हिरासत में लिया था. पूछताछ के बाद चार नाबालिगों की संलिप्तता पाये जाने के बाद उनको गिरफ्तार किया गया. जबकि दो नाबालिगों को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया. 
 
इधर, मामले को लेकर मांडर की भाजपा विधायक गंगोत्री कुजूर ने इटकी के थानेदार पृथ्वी सेनदास के अलावा रांची में एसएसपी से मंगलवार को भेंट कर मामले की जानकारी ली. विधायक ने इटकी में बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए आम लोगों को सुरक्षा देने का अनुरोध एसएसपी से किया. 
 
सभी डेंडराइट व गांजा का करते हैं सेवन
सांसद ने नहीं दी थी इटकी व बेड़ो पुलिस को रांची जाने की सूचना 
डीएसपी संजय कुमार व थानेदार पृथ्वी सेनदास ने बताया कि सांसद द्वारा रांची जाने की सूचना इटकी व बेड़ो पुलिस को नहीं दी गयी थी. इस मामले में सांसद का पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. 
 
उनके अंगरक्षक संतोष ने कहा कि सांसद मीटिंग में हैं. बता दें कि पूर्व में ही पुलिस मुख्यालय के स्तर से  निर्देश जारी किया गया था कि सांसद व विधायक अपने मूवमेंट को लेकर संबंधित थानों को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करायी जा सके.
 

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