Advertisement

crime

  • Jun 17 2019 7:27AM
Advertisement

दिनदहाड़े दुकानदार की हत्या

 भभुआ सदर : कैमूर में इन दिनों किसी ना किसी प्रकार एक के बाद एक हो रही हत्या और मौत से मातम व दहशत मचा हुआ है. रविवार की सुबह भभुआ थानाक्षेत्र के कुंज गांव में एक परचून दुकानदार की बदमाशों ने दिनदहाड़े दो हजार रुपये की खातिर चाकूओं से गोद-गोद कर हत्या कर दी गयी. 

 
बदमाशों ने चाकू मारने के बाद भाग रहे परचून दुकानदार के शरीर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ 13 से 14 वार किये, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. मृतक 34 वर्षीय उपेंद्र सिंह कुंज गांव निवासी स्वर्गीय भगेलू राम का बेटा था. हत्या की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण एसपी को बुलाने की मांग करते हुए मृत परचून दुकानदार के शव को चार घंटे तक उठने नहीं दिया. 
 
इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीओ भभुआ जनमेजय शुक्ला और डीएसपी मोहनिया रघुनाथ सिंह, थानाध्यक्ष भभुआ सत्येंद्र राम द्वारा एसपी को जिले से बाहर होने की बात बता समझाने का प्रयास किया गया. लेकिन, आक्रोशित लोग हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और एसपी को बुलाने की अपनी मांग पर अड़े रहे. हालांकि, काफी समझाने-बुझाने पर और आरोपितों पर त्वरित कार्रवाई करने के दिये गये आश्वासन पर लगभग चार घंटे बाद लोग माने. 
 
 इसके बाद परचून दुकानदार के शव को भभुआ थाने की पुलिस ने अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. इस मामले में मृतक के चाचा राजकुमार सिंह ने गांव के ही देवमुनी सिंह के बेटे धीरज कुमार, राम इकबाल सिंह के बेटे शैलेश सिंह, तेजबली सिंह, शेषमुनि सिंह सहित 10 से 12 अज्ञात पर सुनियोजित तरीके से घर से बुला कर हत्या करने का आरोप लगाया है. 
 
इस मामले में पुलिस ने धीरज के पिता राम इकबाल सहित एक युवक व दो महिलाओं को हिरासत में लिया है. जबकि, मुख्य आरोपित सहित अन्य पुलिस पकड़ से बाहर बताये जा रहे हैं.
 
खाते में आये रुपये को लेकर चल रहा था विवाद: परचून दुकानदार की हत्या के संबंध में पता चला है कि 20 दिन पहले चाकू मारने वाले धीरज ने अपनी पत्नी के बीमार होने पर मृतक उपेंद्र के बैंक खाते में किसी द्वारा दो हजार रुपये मंगाया था. 
 
 लेकिन, धीरज पर पहले से उधारी में ले गये दुकान के सामान और जुताई के बकाया रह जाने की वजह से खाते में आये दो हजार रुपये को देने में वह आनाकानी कर रहा था. 
 
इसी बात को लेकर पिछले महीने के 23 तारीख को भी धीरज और शैलेश ताड़ी के नशे में मृतक की दुकान पर आये थे और उस दौरान धीरज पैसे देने को लेकर मृतक से उलझ पड़ा था और इस दौरान धीरज और शैलेश ने नशे की हालत में दुकानदार के घर में घुस गये थे और दुकानदार सहित उसकी पत्नी रानी देवी के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया था व रुपये लौटाने को लेकर घर व दुकान में तोड़फोड़ कर दी थी. मारपीट करने के दौरान ही मृतक की पत्नी की बेरहमी से पिटाई किये जाने से उसके पेट में पल रहा तीन माह का गर्भ भी गिर गया था. 
 
इस मामले में भी मृतक के चाचा ने थाने पहुंच कर मारपीट का केस दर्ज करने का आवेदन दिया था. लेकिन, उक्त आवेदन पर पुलिस ने गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया. इसके चलते बदमाशों का हौसला और काफी बढ़ गया और रविवार को इन्हीं बढ़े हौसले के साथ बदमाशों ने पहले तो उसे घर से बुला कर ले गये और फिर दौड़ा दौड़ा कर परचून दुकानदार की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement