Advertisement

crime

  • Mar 9 2019 4:46AM
Advertisement

इंजीनियर के पास निकली 10 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी

पटना : ग्रामीण कार्य विभाग के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर मुरलीधर प्रसाद निजी कंपनी के मालिक तो हैं ही, आयकर विभाग की हुई जांच में अब तक 10 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आ चुकी है. फिलहाल इंजीनियर के पास से मिले तमाम कागजातों की जांच चल रही है.
 
 इसमें इस गड़बड़ी के बढ़ने की पूरी संभावना है. तीसरे दिन देर शाम तक इंजीनियर के गांधी मैदान के पास स्थित रामायण अपार्टमेंट में सर्च चलता रहा. अब तक की जांच में 36 लाख कैश के अलावा फ्लैट और जमीन से जुड़े बड़ी संख्या में कागजात मिले हैं. 
 
सरकारी इंजीनियर होने के बाद भी इन्होंने अपनी बेटी के नाम पर निजी कंपनी लवली रानी कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड खोल रखी है. इसमें पत्नी सरोज बाला और दोनों बेटों को निदेशक बना रखा था. जब एक बेटे को बेंगलुरु में नौकरी लग गयी, तो उसका नाम निदेशक मंडल से हटा दिया गया. इस कंपनी में प्रभाकर गुप्ता समेत कुछ अन्य लोग भी पार्टनर हैं. 
 
इनकी निजी कंपनी का कार्यालय रामायण अपार्टमेंट में ही ग्राउंड फ्लोर पर चलता है. यहीं ठेकेदारों को बुलाकर उनसे वसूली चलती थी. साथ ही सरकारी टेंडरों में भी सेटिंग चलती थी. इन्होंने अपने नौकर, संबंधी और कुछ कर्मचारियों के नाम पर लाखों के शेयर ले रखा था. 
 
इंजीनियर के बड़े भाई रिटायर्ड बैंक कर्मचारी हैं, उनके नाम पर एक लॉकर जब्त किया गया है. फिलहाल इसे सीज कर लिया गया है, जिसे सोमवार या मंगलवार को खोला जायेगा. आधा दर्जन बैंक खाते भी मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है. 
 
किसी प्रोजेक्ट का कोई हिसाब नहीं : इंजीनियर ने अपनी कंपनी के नाम से कुछ निर्माण प्रोजेक्ट ले रखा था, जिसका कहीं कोई पक्का में हिसाब नहीं है. कुछ अपार्टमेंट तैयार करके बेचा भी है, जिसमें सारा पैसा कैश में ही लिया है. 
 
इन पैसों को दूसरे जगह पर निवेश किया है. यह पूरा कारोबार कच्चे में ही चलता था. इसका कहीं कोई रिजस्टर्ड एग्रीमेंट के रूप में हिसाब नहीं मिलता है.
 

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement