Advertisement

cricket

  • May 21 2019 5:02PM
Advertisement

बीसीसीआई चुनाव 22 अक्टुबर को : सीओए

बीसीसीआई चुनाव 22 अक्टुबर को : सीओए
file photo

नयी दिल्ली : प्रसाशकों की समिति (सीओए) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के बहु प्रतीक्षित चुनाव 22 अक्टूबर को होंगे. सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी 2017 में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए सीओए को नियुक्त किया था.

 

सीओए ने न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमित्र पीएस नरसिम्हा से सलाह के बाद चुनाव की तारीखों की घोषणा की. सर्वोच्च न्यायालय ने नरसिम्हा को विभिन्न राज्य संघों के साथ मध्यस्थता करने के लिए मार्च में नियुक्त किया था. इस बैठक में सीओए प्रमुख विनोद राय के साथ दो अन्य सीओए डायना एडुल्जी और रवि थोगड़े भी शामिल हुए. बैठक में राज्यों के चुनावों को 14 सितंबर तक कराने का फैसला किया गया. राय ने कहा कि 30 राज्य संघ लोढ़ा समिति के सुझावों का अनुपालन कर रहे हैं जबकि बाकी राज्य संघ उसके मुताबिक अपने संविधान में बदलाव कर रहे हैं. राय ने कहा कि उन्हें चुनाव की तारीखों की घोषणा करने में खुशी हो रही है.

उन्होंने कहा, जब उच्चतम न्यायालय ने मुझे नियुक्त किया था तो मैंने कहा था कि मैं नाइटवाचमैन की भूमिका निभाउंगा और यह नाइटवाचमैन काफी लंबे समय तक बना रहा. उन्होंने कहा, हम (सीओए) खुश है क्योंकि हमारे काम का दायरा काफी सीमित था. यह उनके (राज्य संघों) संविधान (लोढ़ा सिफारिशों के अनुसार) को स्वीकार करने के लिए अनिवार्य किया गया था.

उन्हें (संघों) इससे परेशानी थी लेकिन हमारे, न्यायमित्र और अदालत के बीच मध्यस्थता के बाद इसे सुलझा लिया गया। हम इसे उनके हवाले कर खुश हैं. पूर्व सीएजी ने कहा, हम मानते है कि लोकतंत्रिक तरीके से चुनी हुई इकाई को देश में क्रिकेट का संचालन करना चाहिए.

राय ने इस मौके पर राज्य संघों से निपटने में नरसिम्हा की भूमिका की तारीफ की. उन्होंने कहा, हमने उच्चतम न्यायालय में कई स्थिति रिपोर्ट (कुल 10) दायर की. न्यायालय ने सभी संघों को सुना और इसके बाद उन्होंने मध्यस्थता के लिए न्यायमित्र की नियुक्ति की. राय ने कहा, न्यायमित्र ने राज्य संघों से बातचीत करने के लिए 150 घंटे से ज्यादा का समय लिया. अंतत: राज्य संघों ने आगे आकर सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है, लगभग 30 संघों के उनका अनुपालन किया.

राज्य इकाइयों के लिए शीर्ष परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ायी जा सकती है, लेकिन प्रस्ताव के मुताबिक बीसीसीआई में यह नौ सदस्यों तक ही सीमित रहेगी. सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी 2017 में बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को अयोग्य घोषित कर दिया था.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement