Advertisement

Company

  • Sep 9 2019 11:50AM
Advertisement

त्योहारी मौसम में एसबीआई ने कर्ज पर ब्याज दर 0.10 प्रतिशत घटाया

त्योहारी मौसम में एसबीआई ने कर्ज पर ब्याज दर 0.10 प्रतिशत घटाया

मुंबई : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आगामी त्योहारी मौसम पर नजर रखते हुए विभिन्न अवधि के कर्ज की ब्याज दर में 0.10 प्रतिशत की और कटौती की घोषणा की है. यह कटौती मंगलवार से प्रभावी होगी. बैंक की विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है. इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में बैंक अब तक ब्याज दर में पांच बार में कुल 0.40 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. बैंक ने इसके साथ ही अपनी खुदरा और थोक सावधि जमा दरों में भी 0.10 प्रतिशत से लेकर 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की घोषणा की है.

बैंक ने कहा है कि इस कटौती के बाद उसकी सीमांत लागत आधारित कर्ज की ब्याज दर (एमसीएलआर) 8.25 प्रतिशत से कम होकर 8.15 प्रतिशत रह जायेगी. बैंक के सभी अवधि के कर्ज की ब्याज दरें इसी के आधार पर तय होतीं हैं. एसबीआई ने अपने ज्यादातर कर्ज और जमा उत्पादों की ब्याज दर को रिजर्व बैंक की रेपो दर से जोड़ दिया है. इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए बैंक ने खुदरा सावधि जमा दर में 0.20 से 0.25 प्रतिशत और थोक राशि में होने वाली जमा की दर में 0.10 से लेकर 0.20 प्रतिशत तक की कमी की है.

ये नयी दरें भी मंगलवार से प्रभावी होंगी. बैंक ने कहा है कि ब्याज दरों में गिरावट के परिवेश और उसके पास उपलब्ध अधिशेष नकदी को देखते हुए उसने अपनी जमा और ऋण की ब्याज दरों को नये सिरे से व्यवस्थित किया है. देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक ने सबसे पहले अप्रैल में ब्याज दर में 0.05 प्रतिशत की कटौती की. तब बैंक की एक साल की एमसीएलआर दर 8.55 प्रतिशत रही. मई और जुलाई में भी बैंक ने इतनी ही कटौती की जबकि अगस्त में बैंक ने 0.15 प्रतिशत की ऊंची कटौती की.

चार बार में कुल मिलाकर 0.30 प्रतिशत की कटौती के बाद बैंक की एमसीएलआर दर 8.25 प्रतिशत पर आ गयी. अब ताजा पांचवीं बार की कटौती के बाद यह 8.15 प्रतिशत रह गयी. एसबीआई के निकटतम प्रतिद्वंद्वी बैंक एचडीएफसी बैंक की यह दर 8.30 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक की 8.35 प्रतिशत पर है. इन बैंकों ने पिछले दो सप्ताह के दौरान अपनी न्यूनतम ऋण दर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की. बहरहाल, यह गौर करने की बात है कि रिजर्व बैंक की रेपो दर 5.40 प्रतिशत के मुकाबले बैंकों की सीमांत लागत आधारित ऋण दर अभी भी काफी ऊंची बनी हुई है. रिजर्व बैंक ने फरवरी, 2019 के बाद से रेपो दर में 1.10 प्रतिशत की कटौती की है.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement