अलकतरा घोटाला: बिहार के पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास को 5 साल की सजा
Advertisement

chatra

  • Jan 11 2019 7:45AM

चतरा में हुई थी सलमान की हत्या, आठ पुलिस वालों पर केस दर्ज

चतरा में हुई थी सलमान की हत्या, आठ पुलिस वालों पर केस दर्ज
रांची : चतरा जिले के पिपरवार थाना अंतर्गत बहेरा गांव निवासी युवक मो. सलमान (20 की गोली मारकर हत्या किये जाने के मामले में भी हाइकोर्ट के आदेश पर दिल्ली सीबीआइ की स्पेशल क्राइम ब्रांच-1 ने गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
 
इसमें हत्या और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत पिपरवार थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह, एएसआइ प्रेम कुमार मिश्रा, आर्म्स गार्ड रवि राम के अलावा पांच अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है. 
 
क्या कहा था कोर्ट ने 
 
इस मामले में भी हाइकोर्ट ने कहा था कि सलमान की हत्या का सच सामने लाने में पहले पुलिस और फिर सीआइडी विफल रही है. इससे लोगों का विश्वास राज्य की एजेंसियों से डिगा है, इसलिए इसकी जांच सीबीआइ को सौंपी जाती है. कांड में आरोपियों ने कोर्ट में जमानत की याचिका दायर की थी. हलफनामे में कहा था  कि दुर्घटनावश फायरिंग हो गयी थी, इसलिए आइपीसी की धारा 304 के तहत जमानत दी जाए. 
लेकिन केस डायरी व जांच प्रतिवेदन देखने के बाद कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका रद्द कर दी. उसी वक्त जस्टिस आनंदा सेन ने एएसआइ रवि राम की जमानत याचिका पर ही मामले की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया. बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सलमान के शरीर पर गोली के निशान पाये गये थे. 
 
थानेदार ने कहा था, मार दो सलमान को गोली : अब्दुल जब्बार 
 
मृतक सलमान के पिता अब्दुल जब्बार ने आरोप लगाया था कि पिपरवार थाना के तत्कालीन रात्रि इंचार्ज एएसआइ विनोद कुमार सिंह, एएसआइ रवि राम, अार्म्स गार्ड प्रेम कुमार मिश्र  सहित पांच पुलिसकर्मियों ने 23 जून 2017 की रात गश्ती के दौरान उनके घर आये थे.
घर पर उनके पुत्र मो सलमान से पुलिसवालों ने पूछताछ की थी. आरोप है कि पूछताछ के बाद जब सलमान घर से बाहर निकला, तो पुलिसवालों  ने उसे पकड़ लिया. 
 
इस दौरान थानेदार ने साथी पुलिसवालों को कहा कि सलमान को गोली मार दो. इसके बाद सलमान को पुलिसवालों ने काफी नजदीक से दो गोलियां मारी थी. लेकिन पुलिसवाले न तो सलमान को अस्पताल ले गये और न ही केस डायरी में घटना का उल्लेख किया. न ही किसी वरीय पुलिस अफसर को मामले की सूचना ही दी. सलमान को परिजन अस्पताल ले गये थे.
 
जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. मामले में अब्दुल जब्बार ने पिपरवार थाने में बेटे की हत्या काे लेकर घटना के एक माह बाद छह जुलाई 2017 को कांड संख्या 18/2017 दर्ज कराया था. इस मामले में मजिस्ट्रेट की जांच में यह स्पष्ट कहा गया है कि  घटना में हुई फायरिंग दुर्घटनावश प्रतीत नहीं होता है. मामले में सीआइडी और पुलिस का निष्कर्ष संदेहास्पद है.
 
हाइकोर्ट के आदेश पर सीबीआइ की कार्रवाई

ये हैं आरोपी
 
विनोद कुमार सिंह, इंचार्ज पुलिस स्टेशन पिपरवार
प्रेम कुमार मिश्रा, एएसआइ, पिपरवार थाना
रवि राम, आर्म्स गार्ड, पिपरवार थाना
पांच अन्य पुलिसकर्मी
 

Advertisement

Comments

Advertisement