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calcutta

  • Jun 15 2019 2:40AM
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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल : सीएम ने बुलायी बैठक, नहीं जायेंगे डॉक्टर

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल : सीएम ने बुलायी बैठक, नहीं जायेंगे डॉक्टर

कोलकाता : लगातार चार िदनों से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गयी है. हड़ताल खत्म कराने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरएस अस्पताल के हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के चार प्रतिनिधियों को शनिवार शाम को नवान्न में बातचीत करने के लिए बुलाया है. हालांकि जूनियर डॉक्टरों ने सीएम का न्यौता ठुकरा दिया है.

 
शुक्रवार रात जूनियर डॉक्टरों की गवर्निंग बॉडी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने नवान्न नहीं जायेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल आना होगा और आंदोलनकारियों से माफी मांगनी होगी. शनिवार को फिर डॉक्टरों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी. बैठक में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे.
 
रैली में हजारों लोग हुए शामिल : 
 
शुक्रवार को एनआरएस मेडिकल कॉलेज से कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज तक एक रैली निकाली गयी, जिसमें हजारों की संख्या में डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, बुद्धिजीवी व अन्य पेशे के लोग शामिल हुए. इस बीच, सरकार पर दबाव बनाने व जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में अब तक राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से 858 चिकित्सकों ने इस्तीफा भेजा है.  
 
पहले माफी मांगें मुख्यमंत्री, फिर होगी बातचीत :  
 
जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि मुख्यमंत्री को एनआरएस अस्पताल आकर माफी मांगनी होगी, क्योंकि पीजी में उन्होंने जिस तरह से बयान दिया था, उससे चिकित्सक आहत हैं. हम चिकित्सक सीएम के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. वे हमारी अभिभावक हैं, इसलिए उन्हें हमारा भी ख्याल रखना चाहिए.
 
इससे पूर्व, राज्य के पांच सीनियर डॉक्टरों ने मौजूदा स्थिति के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की और जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक करने का प्रस्ताव दिया. 
 
डॉ सुकुमार मुखोपाध्याय के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम के इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने शनिवार पांच बजे बैठक बुलायी है. हालांकि मुख्यमंत्री का न्यौता लेकर राज्य के स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो प्रदीप मित्रा जब एनआरएस अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें आंदोलनकारी चिकित्सकों के विरोध का सामना करना पड़ा था. आंदोलनकारियों ने पहले तो कहा कि इतने शॉर्ट नोटिस में वे इस बारे में कैसे फैसला ले सकते हैं. हालांकि श्री मित्रा के अस्पताल से चले जाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे नवान्न नहीं जायेंगे. इसके अलावा उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री को घायल जूनियर डॉक्टर की हालत देखने भी जाना होगा. 
 
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