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  • Dec 16 2019 7:04AM
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सीएए पर हंगामा : देश के कई हिस्सों में धरना जारी, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने तीन बसों को फूंका

सीएए पर हंगामा :  देश के कई हिस्सों में धरना जारी, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने तीन बसों को फूंका

 कोलकाता : संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राज्य में जारी विरोध प्रदर्शनों के तीसरे दिन प्रदेश के नदिया, उत्तर 24 परगना और हावड़ा जिलों से हिंसा की छिटपुट खबरें सामने आयी हैं. उत्तर 24 परगना के आमडांगा और नदिया के कल्याणी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध किया और सड़कों पर लकड़ी के कुंदे जलाये. जिले के देगंगा इलाके में दुकानों में तोड़-फोड़ करने के साथ ही टायर जलाये गये. नदिया में प्रदर्शनकारियों ने कल्याणी एक्सप्रेस हाइवे को अवरुद्ध किया और कुछ ने संशोधित कानून की प्रतियां जलायीं. 

इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों की खबर हावड़ा जिले के डोमजूर इलाके, बर्दवान और बीरभूम के कुछ हिस्सों से मिली, जहां प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस की बड़ी टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया. हालांकि, खबरों के मुताबिक, पिछले दो दिनों के उलट, हावड़ा-सियालदह और खड़गपुर खंडों पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रही. 
 
उधर, अफवाहों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना में और दक्षिण 24 परगना के कई हिस्सों में इंटनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. 
 
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव व राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शांति की अपील की है और प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि संशोधित कानून राज्य में लागू नहीं होगा. श्री चटर्जी ने कहा : हम हर किसी से शांति बनाये रखने की अपील करेंगे. हम आपको आश्वासन दे सकते हैं कि कानून राज्य में लागू नहीं किया जायेगा.
 
 वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने सत्तारूढ़ पार्टी पर राज्य में खराब होती कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में करने के लिए बहुत कम प्रयास करने का आरोप लगाया. संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राज्य के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशनों को आग लगाने के साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. 
 
संशोधित कानून से समूचे पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में आक्रोश है, जहां लोगों को डर है कि यह अवैध आव्रजन की समस्या को और बढ़ा देगा. देशभर के मुस्लिमों का मानना है कि यह देश भर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने का पूर्व संकेत हो सकता है. संशोधित कानून के मुताबिक, पाकिस्तान, बांगलादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना झेलनेवाले और 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आनेवाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जायेगी. 
 
फर्जी खबरों पर रोक की कवायद
कोलकाता. राज्य में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर छह जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयी हैं. इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने खासकर सोशल मीडिया पर अफवाहों और फर्जी खबरों पर रोक लगाने के लिए उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना में और दक्षिण 24 परगना के कई हिस्सों में इंटनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. 
 
इंटरनेट परिसेवा उत्तर 24 परगना के बारासात व बशीरहाट सब डिवीजन में तथा दक्षिण 24 परगना के बारुइपुर व कैनिंग डिवीजन में बंद की गयी हैं. अधिकारी ने कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कुछ सांप्रदायिक शक्तियां हिंसक प्रदर्शन कर रही हैं. दो-एक सांप्रदायिक व धार्मिक उग्रवादी संगठन विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा होकर हंगामा करने की कोशिश कर रहे हैं.  इसलिए राज्य में शांति व आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने राज्य के पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. 
 
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