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calcutta

  • May 22 2017 9:54AM

स्वच्छता के प्रति हरेक व्यक्ति बने जिम्मेदार

प्रभात खबर और 'मैं नहीं हम' नामक सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में बोले लोग
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से पालन करने की ली शपथ
कोलकाता : साफ-सफाई और स्वच्छता के क्षेत्र में सिर्फ सरकार, निगम एवं प्रशासन के भरोसे बैठने से कुछ नहीं होगा. आम नागरिक को जिम्मेदार बनना होगा. साफ-सफाई केवल अपने घर तक सीमित नहीं रखनी होगी. लोगों को अपने आस-पड़ोस में भी  सफाई की जिम्मेदारी उठानी होगी. 
 
साथ ही साफ-सफाई के लिए एक सख्त कानून बनाने की जरूरत है ताकि गंदगी फैलाने वाले लोगों को कानून का भय हो. ये बातें 'प्रभात खबर' और 'मैं नहीं हम' नामक सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित परिचर्चा में बड़ाबाजार इलाके के लोगों ने कही.  इस बार प्रभात खबर ने जन संवाद का विषय 'स्वच्छता : कितने जागरूक हम' रखा था. परिचर्चा में शामिल लोगों ने साफ-सफाई के लिए अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से पालन करने की शपथ ली. परिचर्चा का आयोजन मदन चटर्जी लेन, तालाबबाड़ी इलाके में किया गया था. परिचर्चा की अध्यक्षता 'मैं नहीं हम संस्था' के अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार सिन्हा ने किया, जबकि संचालन सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर बासोतिया ने किया. 
 
राजीव कुमार सिन्हा (सामाजिक कार्यकर्ता) : हम कचरा कहां फेंके? यह लोगों के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है. बड़ाबाजार इलाके के कई हिस्से हैं जहां आबादी हिसाब से पर्याप्त मात्रा में कूड़ेदान नहीं है. सरकार व प्रशासन साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए कर ले रही है तो उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का सटीक पालन करना चाहिए.  सफाई के लिए हमें जागरूक होने की भी जरूरत है. हमें ही अपने घर के साथ इलाकों की सफाई की जिम्मेदारी लेनी होगी. साफ-सफाई के लिए एक सख्त कानून बनाने की भी जरूरत है. यदि कोई इलाके को गंदा करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाये ताकि वह भी साफ-सफाई के प्रति सतर्क हो सके. 
 
चंद्रशेखर बासोतिया (सामाजिक कार्यकर्ता) : मौजूदा समय में स्वच्छता एक ज्वलंत मुद्दा है. साफ-सफाई के लिए सभी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. प्रशासन को भी अपना दायित्व सटीक रूप से निभाने की जरूरत है. जिन इलाकों मेें कूड़ेदान की कमी है वहां उसकी व्यवस्था की जाये. मोहल्ले में सफाई करने की शिफ्ट बढ़ायी जाये. स्वचछता के लिए कड़ा कानून बनाने की भी जरूरत है. लोगों में यदि कानून का भय होगा तो वे भी इधर-उधर कूड़ा फेंकने से बचेंगे.
 
सागर प्रसाद माली (समाजसेवी) : परिवेश के स्वच्छ रहने से कई प्रकार के रोगों से भी बचा जा सकता है. साफ-सफाई के लिए प्रशासन के साथ हर व्यक्ति को और भी सजग होने की जरूरत है. स्वच्छता के लिए सख्त कानून बनाना भी जरूरी है.
 
सूरज चोखानी (सामाजिक कार्यकर्ता) : साफ-सफाई केवल प्रचार करने से नहीं हो सकती. इलाकों में कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था की जरूरत है. स्वच्छता के नाम पर कर वसूले जाते हैं तो सरकार और प्रशासन को साफ-सफाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी करनी चाहिए. 
 
अनूप कुमार यादव :जब तक मन स्वच्छ नहीं होगा तब तक घर और आसपास का परिवेश साफ सुथरा नहीं होगा. यानी सफाई के लिए सबसे पहले हमें सजग होने की जरूरत है.
 
सुरेंद्र जैन (सामाजिक कार्यकर्ता) : अभिभावक बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ायें. घर को स्वच्छ रखने की आदत होगी तो आसपास के परिवेश को साफ रखने की आदत भी आयेगी. स्वच्छता के लिए सामाजिक संस्थाओ‍ं को भी आगे आना चाहिए.
 
शंभू बर्नवाल : कई ऐसे इलाके हैं जहां कचरा हटाने की गाड़ी उपलब्ध नहीं है व इलाके में कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. सरकार व प्रशासन को ध्यान देना चाहिए.
कमल सोनकर (सामाजिक कार्यकर्ता) :
 
स्वच्छता के लिए हमें चिंतन करने व जागरूक होने की जरूरत है. साथ ही सामाजिक संस्थाओं को आगे आना होगा. जहां कूड़ेदान नहीं है वहां कूड़ेदान की व्यवस्था करनी होगी. जिन इलाकों में सफाई की सटीक व्यवस्था नहीं है उसके बारे में निगम व प्रशासन को अवगत कराना जरूरी है.
बनवारी शर्मा : सफाई के लिए पहले खुद सचेत होने की जरूरत है. अपने घर को केवल साफ रखने की हम सोचते हैं लेकिन आसपास की सफाई के बारे में भी सोचना जरूरी है. मानसिकता बदलने की जरूरत है. सरकार को भी सचेत होने की जरूरत है. 
 
आशीष चतुर्वेदी : साफ-सफाई के लिए हमें पहले खुद सजग होेने की जरूरत है. अभिभावक व शिक्षक नयी पीढ़ी को स्वच्छता का पाठ पढ़ायें.
शशांक देरासरी : स्वच्छता की शुरुआत अपने घर से हो. हमें अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है.
 
ओम प्रकाश साव (व्यवसायी) : बड़ाबाजार में कई ऐसी दुकानें मिल  जायेंगी जिसमें पास ही कचरे का अंबार लगा रहता है. कई जगह कूड़ेदान हैं लेकिन कचरे के परिमाण के लिए वह काफी छोटा है. ऐसी बातों को निगम व प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. पर्याप्त कूड़ेदान की व्यवस्था होनी चाहिए.
 
सुरज सोनी : स्वच्छता के लिए केवल बातें करने से नहीं होगा हमें ही कदम उठाने होंगे. हर मोहल्ले में साफ-सफाई के लिए एक कमेटी बनायी जाये. यदि कोई कचरा इधर-उधर फेंकता है तो कमेटी की ओर से संबंधित व्यक्ति को रोकना होगा. कमेटी में स्थानीय पार्षद को भी शामिल किया जाये. 
 
रंजीत ठाकुर : सफाई के लिए केवल घर की नहीं बल्कि समाज के लिए भी हमें जिम्मेदारी का पालन करना जरूरी है.
अजय पासवान : कई जगहों पर कूड़ेदान की कमी है. निगम और प्रसाशन को इस बारे में ध्यान रखना होगा. साथ ही आम लोगों को भी स्वच्छता के लिए अपनी जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए.
 

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