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calcutta

  • Aug 24 2019 1:45AM
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स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर होने पर ही कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य

कई स्कूलों में अभी तक कंप्यूटर नहीं पहुंचा 

कहीं कंप्यूटर है तो नेट कनेक्टिविटी नहीं

कोलकाता : राज्य के सभी अनुदान प्राप्त स्कूलों में सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य रूप से शुरू करने की योजना बनायी थी. इसकी घोषणा एक साल पहले ही की गयी थी. अब इस योजना को आगे खिसका दिया गया है. एक सर्वे के बाद यह पाया गया कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं. कई स्कूलों में अभी तक कंप्यूटर ही नहीं पहुंचा है. कहीं कंप्यूटर है तो नेट कनेक्टिविटी नहीं है, इसलिए कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में अभी शुरू नहीं किया जा सकता.

यह जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के डीआइ डी. सरकार ने दी है. उनका कहना है कि माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य रूप से शुरू करने की योजना को अगले साल शुरू किया जायेगा. कक्षा 5 से 8 तक की कक्षा में यह  शिक्षा दी जायेगी. इसकी तैयारी अभी से की जा रही है. कई स्कूलों में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है कि इसको अभी शुरू किया जाये.

सभी स्कूलों में कंप्यूटर व एक दक्ष शिक्षक का होना अनिवार्य है. इंटरनेट कनेक्शन के साथ अन्य सुविधाएं भी स्कूलों में होनी चाहिए. हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली के कुछ स्कूलों में कंप्यूटर, शिक्षक व नेट कनेक्टिविटी है लेकिन अधिकांश स्कूलों में बेसिक सुविधाएं नहीं हैं. दूर दराज के जिलों में कुछ भी सुविधा नहीं है. इसका सिलेबस तैयार किया गया था लेकिन यह पाठ्यक्रम कक्षा पांचवीं से 8वीं तक में अभी शुरू नहीं किया जा सकता है.

इस पर पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करने के लिए काम जारी किया गया है. हालांकि कई आइसीएसइ व सीबीएसइ स्कूलों में कक्षा 5वीं से या इससे पहले ही कंप्यूटर पढ़ाई में शामिल किया गया था. अब बंगाल की सरकार ने भी इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मन बना लिया है. अभी तो एडिशनल विषय के रूप में कंप्यूटर एप्लीकेशन कक्षा 9वीं व 10वीं में पढ़ाया जाता है. कंप्यूटर को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाये जाने के लिए पहले बेसिक सुविधाओं को स्थापित किया जायेगा. इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग पहले एक सर्वे करायेगा.

 
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