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calcutta

  • Aug 23 2019 1:53AM
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कश्मीर पर प्रियंका के विचार एक भारतीय का नजरिया : जावेद

 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान के ट्वीट के जवाब पर, भारत के दोनों समुदायों के ‘धार्मिक कट्टरपंथी’ मेरे खिलाफ अपशब्द कहते हैं लेकिन मुझे यह यकिन है कि मैंने जो कहा वह सही है

 
कोलकाता. पाकिस्तान की एक मंत्री ने प्रियंका को शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र की सद्भावना दूत के तौर पर हटाये जाने की मांग की थी. इसी मांग पर टिप्पणी करते हुए गीतकार एवं कवि जावेद अख्तर ने कहा  है कि कश्मीर पर केंद्र सरकार के हालिया फैसले के समर्थन में अभिनेत्री  प्रियंका चोपड़ा ने भारतीय नागरिक होने के नाते जो विचार रखे, वह ‘स्पष्ट रूप से एक भारतीय के नजरिए से उनके विचार’ हैं. अख्तर ने बुधवार रात को एक साहित्यिक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा कि यदि उनकी टिप्पणियों ने पाकिस्तानी प्रतिष्ठान को नाराज किया है तो वे जो चाहें, वह कर सकते हैं. 
 
भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देनेवाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया है और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया है. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा एच फोरे को पत्र लिख कर कहा था कि प्रियंका कश्मीर पर भारत सरकार की नीतियों का समर्थन करती हैं. 
 
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रियंका चोपड़ा भारत और पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’ के समर्थन में हैं. अख्तर ने प्रियंका के बारे में कहा कि वह प्रियंका चोपड़ा को निजी तौर पर जानते हैं, वह सुसंस्कृत, सभ्य व शिक्षित हैं और वह एक भारतीय हैं. 
 
उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका चोपड़ा की तरह एक आम भारतीय नागरिक और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के नजरिए में मतभेद और किसी प्रकार का विवाद होता है, तो उनका नजरिया निश्चित रूप से एक भारतीय की तरह होगा. अख्तर ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर लगभग हर रोज ट्रोल किया जाता है. 
 
उन्होंने इमरान खान के ट्वीट पर टिप्पणी की, जिसके कारण पिछले दो-तीन दिन से उनके लिए कई घृणा संदेश भेजे जा रहे हैं और कुछ लोग उनसे खफा हैं. उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के ‘धार्मिक कट्टरपंथी’ उनके खिलाफ अपशब्द कहते हैं लेकिन उन्हें यह यकिन है कि उन्होंने जो कहा- वह सही है. अख्तर ने कहा कि यदि इनमें से कोई उन्हें अपशब्द कहना बंद कर देगा, तो उन्हें हैरानी होगी कि उसे क्या हुआ है. 
 
अख्तर ने हाल में ट्वीट किया था, ‘इमरान साहब, अगर मैं अल्पसंख्यकों के लिए इतनी चिंता पर आपकी तारीफ ना करूं, तो कृतघ्नता होगी. मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता कि अगर आप दूसरों के लिए इतना सोचते हैं तो फिर आप अपने ही देश के हिंदुओं, ईसाइयों, अहमदिया, मुहाजिर और बलूच समुदाय के लोगों की सुरक्षा के बारे में कितना सोचते होंगे.
 
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