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calcutta

  • Aug 13 2019 2:27AM
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महानगर के सरकारी अस्पताल में फिर चिकित्सक से बदसलूकी

एसएसकेएम अस्पताल में रविवार देर रात की घटना

मोमिनपुर निवासी युवक की अस्पताल में हुई थी मौत, सूचना पाकर भाई को आया था गुस्सा

चिकित्सकों व अस्पताल कर्मियों पर गाली गलौज के अलावा आरोपी पर केबिन का शीशा तोड़ने का भी आरोप

वार्ड में तोड़फोड़ के दौरान खुद भी हो गया था जख्मी, पुलिस ने चिकित्सा कराने के बाद किया गिरफ्तार
 
कोलकाता : महानगर के एक सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद चिकित्सक से बदसलूकी के बाद अस्पताल के वार्ड में तोड़फोड़ का मामला एक बार फिर सामने आया है. घटना सोमवार सुबह छह बजे के करीब एसएसकेएम अस्पताल में हुई है. इसकी सूचना पाकर भवानीपुर थाने की पुलिस पहुंची और मोहम्मद साजिद को गिरफ्तार कर लिया.
 
इस बारे में पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे के करीब कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में मोमिनपुर के निवासी मोहम्मद साकिर (30) नामक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गयी थी. अपने भाई की मौत के बाद अस्पताल में उसके साथ अटेंडेंट के तौर पर रहनेवाले उसके भाई मोहम्मद साजिद काफी उग्र हो गया.
 
उसने इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सों को अपशब्द कहना शुरू कर दिया. आरोप है कि अस्पताल में वार्ड के आसपास मौजूद शीशे को हाथ से प्रहार कर तोड़ दिया, जिससे उसकी हथेली में गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा. जब चिकित्सक उसका उपचार करने के लिए आगे बढ़े तो उनके साथ भी बदसलूकी की. इस दौरान कुछ अस्पताल कर्मियों पर भी उसने हमला कर कुछ कर्मियों को जख्मी कर दिया. 
 
इधर अस्पताल में चालू की गयी पुलिस हेल्पलाइन में चिकित्सकों ने इसकी सूचना भवानीपुर थाने की पुलिस को दी. इसके तुरंत बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. ड्यूटी में मौजूद चिकित्सक सौगत दासगुप्ता की ओर से पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी. इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद साजिद को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गयी.  
 
उल्लेखनीय है कि इसके पहले 10 जून को इसी तरह कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में 75 वर्षीय मोहम्मद शाहिद के निधन के बाद मृतक के परिजनों ने एकत्रित होकर जूनियर डॉक्टरों को जम कर पीटा था.
 
इसमें डॉक्टर परिवाहा मुखर्जी नामक एक जूनियर डॉक्टर को गंभीर चोट आयी थी. इसके बाद राज्य भर के चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया था. एक सप्ताह से ऊपर उनके हड़ताल पर रहने के कारण आखिरकार राज्य सचिवालय नवान्न में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आंदोलनरत जूनियर चिकित्सकों से बात की, जिसके बाद हालात सामान्य हुए थे.
 
इसके बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की सुरक्षा का विशेष निर्देश दिया था, इस निर्देश के बाद ही डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए अस्पताल में पुलिस व प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ायी गयी थी और पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था.
 
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