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calcutta

  • Jun 11 2019 2:21AM
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स्कूल खुले पर विद्यार्थियों की उपस्थिति नाम मात्र रही

शिक्षकों ने कहा : न तापमान में आयी कमी और न ही विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति रही

एक जुलाई को स्कूल खुलने के नोटिस के बाद अचानक किये गये बदलाव से बच्चे अनजान

अधिकतर बच्चे छुट्टियों में यूपी, बिहार गये हैं, रेल का टिकट न मिलने के कारण समय से पहले आने में असमर्थ 
 
कोलकाता : बंगाल बोर्ड के सभी स्कूल गर्मियों की छुट्टी के बाद सोमवार को खुल गये. लेकिन स्कूल खुलने के प्रथम दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं के बराबर रही. मालूम हो कि शिक्षा विभाग की तरफ से 30 जून तक स्कूलों के बंद रहने का नोटिस जारी किया गया था, जिसके अनुसार अधिकतर बच्चे अपनी गर्मियों की छुट्टियां मनाने बाहर चले गये.
 
वहीं कुछ अपने रिश्तेदारों की शादी में चले गये, जिससे उन्हें बाद में आये 10 जून को स्कूल खुलने की जानकारी नहीं मिल पायी. इस विषय में अलीपुर टकसाल विद्यापीठ फाॅर गर्ल्स की प्रधानाध्यापिका वंदना मिश्रा ने कहा कि स्कूल खुलने के प्रथम दिन छात्राओं की संख्या नहीं के बराबर रही. विद्यालय में लगभग 1200 छात्राएं हैं, जिनमें से मात्र 96 छात्राएं ही उपस्थित रहीं, जिसकी वजह से मिड-डे मील भी विद्यालय में नहीं बंट पाये.
 
आदर्श हिंदी गर्ल्स हाई स्कूल भवानीपुर, कोलकाता की हेडमिस्ट्रेस प्रतिमा दास ने कहा कि उनके विद्यालय के कई बच्चे यूपी, बिहार के हैं, जो छुट्टी की सूचना पाकर अपने गांव चले गये, जिससे उन्हें नये नोटिस की सूचना नहीं मिल पायी. उन्होंने बताया कि लगभग 20 प्रतिशत छात्राएं ही उपस्थित थीं. जगदम्बा हाई स्कूल कालीघाट के हेड मास्टर विनोद सिंह का कहना है कि उन्होंने 10 जून को स्कूल खुलने संबंधी सूचना सभी अभिभावकों तक पहुंचायी, जिसके बाद भी विद्यालय के प्रथम दिन मात्र 20 प्रतिशत विद्यार्थी ही उपस्थित रहे.
 
आदर्श हिंदी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक मेजर डॉ बीबी सिंह ने बताया कि उनके विद्यालय में तकरीबन 25 से 30 प्रतिशत बच्चे उपस्थित रहे. बच्चों को दूसरे नोटिस की जानकारी न होने के कारण वह अपने गांव चले गये हैं, वहां से उन्हें ट्रेन के टिकट भी नहीं मिल पा रहे हैं.
 
लाजपत हिंदी हाई स्कूल प्राईमरी के चेयरमैन ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही और इस महीने ऐसे ही रहने की उम्मीद है, क्योंकि बच्चों को स्कूल खुलने की जानकारी नहीं है. अलीपुर टकसाल विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक अरूण झा ने कहा कि उनके विद्यालय में 15 प्रतिशत छात्र ही उपस्थित रहे.
 
विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जब बच्चे दूसरे बच्चों को स्कूल जाते देखेंगे तो उन्हें स्कूल खुलने की जानकारी प्राप्त होगी. आर्य परिषद के वरिष्ठ शिक्षक भगवान सिंह ने बताया कि उनके विद्यालय में भी काफी कम उपस्थिति रही. लगभग 25 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित रहे. उन्होंने इसका कारण गरमी और दूसरे नोटिस की जानकारी न होना बताया.
 
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