Advertisement

calcutta

  • May 15 2019 9:16AM
Advertisement

प. बंगाल में बवाल के बाद सियासी घमासान तेज, भाजपा और टीएमसी का आरोप-प्रत्यारोप

प. बंगाल में बवाल के बाद सियासी घमासान तेज, भाजपा और टीएमसी का आरोप-प्रत्यारोप

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार शाम अमित शाह की रैली और रोड शो में हुए बवाल के बाद सियासत तेज हो गयी है. भाजपा इसके लिये ममता सरकार पर आरोप लगा रही है, तो वहीं , सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है. भाजपा ने चुनाव आयोग से हिंसा की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवायी की मांग की है. तो वहीं. तृणमूल कांग्रेस ने बांग्ला लेखक एवं दार्शनिक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा गिराने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से मुलाकात का समय मांगा है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज इसी मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. बता दें कि अमित शाह के विशाल रोड शो के दौरान पार्टी एवं तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच कोलकाता की सड़कों पर जबर्दस्त झड़प हो गयी थी. हालांकि शाह को किसी तरह की चोट नहीं आयी और पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान तक ले गयी.गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि वह क्या भगवान हैं जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता. बनर्जी ने कोलकाता में शाह के रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पों के बाद यह बात कही थी.

घटना के बाद अध्यक्ष अमित शाह ने मीडिया से कहा कि टीएमसी के गुंडों ने मुझपर हमला करने की कोशिश की. ममता बनर्जी  ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया, लेकिन मैं सुरक्षित हूं. शाह ने कहा कि झड़प के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया था कि रोडशो की इजाजत कॉलेज के पास समाप्त होती है और उन्हें स्वामी विवेकानंद के बिधान सारणी के पैतृक आवास पर ले जाया जाएगा. शाह ने दावा किया कि वे (पुलिस) नियोजित मार्ग से हट गये और उस रास्ते पर ले गए जहां ट्रैफिक जाम था. मुझे श्रद्धांजलि देने के लिए विवेकानंद के आवास पर नहीं जाने दिया गया और मैं इससे दुखी हूं.

उधर, ममता बनर्जी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह को 'गुंडा' बताया.  इस बीच भाजपा ने मंगलवार को चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य में चुनाव-प्रचार से रोकने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि वहां 'संवैधानिक तंत्र' ध्वस्त हो गया है. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी सहित पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा और राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की. 

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement