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calcutta

  • May 24 2019 9:21AM
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उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का सफाया, आठ में सात सीटें भाजपा की झोली में

उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का सफाया, आठ में सात सीटें भाजपा की झोली में

 -मालदा दक्षिण सीट पर कांग्रेस की जीत की उम्मीद

-तीन विस सीटों के उप-चुनाव में भी तृणमल की हालत पतली
सिलीगुड़ी : 17वें लोकसभा चुनाव में उत्तर बंगाल में राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का सफाया हो गया है. उत्तर बंगाल की सभी आठ लोकसभा सीटों पर तृणमूल की करारी हार हुई है. अलीपुरद्वार, कूचबिहार से लेकर मालदा तक, कहीं भी तृणमूल की दाल नहीं गली. पिछले लोकसभा चुनाव की जीती हुईं चार सीटें जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, बालुरघाट भी तृणमूल ने इस बार गंवा दीं. पिछले चुनाव में मालदा की दोनों सीटें कांग्रेस ने जीती थीं. इस बार इसमें से एक सीट भाजपा को गयी है, जबकि दूसरी सीट बेहद नजदीकी मुकाबले में कांग्रेस के पास बरकरार रहने की उम्मीद दिख रही है. रायगंज सीट माकपा के हाथ से फिसलकर इस चुनाव में भाजपा के पास गयी है.

वहीं दार्जिलिंग में भाजपा ने हैटट्रिक जमायी है. दार्जिलिंग विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी नीरज जिम्बा ने तृणमूल समर्थित विनय तामांग को हरा दिया. हबीबपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी जुएल मुर्मू को विजय मिली. उत्तर बंगाल से एकमात्र जीत तृणमूल को इस्लामपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली, जहां उसके प्रत्याशी अब्दुल करीम चौधरी ने भाजपा के डॉ सौम्यरूप मंडल को हराया. दार्जिलिंग लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार राजू सिंह बिष्ट ने चार लाख से अधिक वोटों से गोजमुमो (विनय गुट) समर्थित तृणमूल उम्मीदवार अमर सिंह राई को मात दी है. जलपाईगुड़ी सीट से तृणमूल के निवर्तमान सांसद विजय चंद्र वर्मन को भाजपा उम्मीदवार डॉ जयंत कुमार राय ने लगभग पौने दो लाख वोटो से पटकनी दी है.

अलीपुरद्वार लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार जॉन बारला ने निवर्तमान तृणमूल सासंद दशरथ तिर्की को लगभग ढाई लाख वोटों से हराया है. चाय श्रमिक व आदिवासियों की नुमाइंदगी करनेवाले जॉन बरला की यह विधासभा या लोकसभा चुनाव में पहली जीत है.

कूचबिहार में भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक ने लगभग 50 हजार वोटों से तृणमूल के परेश चंद्र अधिकारी को हराया है. लोकसभा चुनाव से पहले ही निशीथ प्रमाणिक तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए थे. वहीं परेश अधिकारी वाम मोर्चा से तृणमूल में शामिल हुए थे. रायगंज लोकसभा सीट पर भी तृणमूल व भाजपा के बीच कांटे की टक्कर रही. भाजपा उम्मीदवार देवश्री चौधरी ने लगभग 60 हजार वोटों से तृणमूल उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवाल को हराया. वहीं माकपा के निवर्तमान सांसद मोहम्मद सलीम तीसरे स्थान पर खिसक गये. कांग्रेस उम्मीदवार दीपा दास मुंशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पायीं.

मालदा (उत्तर) लोकसभा सीट पर भी तृणमूल व भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ है. भाजपा उम्मीदवार खगेन मुर्मू ने तृणमूल की मौसम नूर को करीब 70 हजार वोटों से हराया है. मौसम नूर 2014 में कांग्रेस के टिकट से जीती थीं. लेकिन इस बार उन्होंने तृणमूल का दामन थामा था. कांग्रेस उम्मीदवार ईशा खान चौधरी तीसरे स्थान पर रहे. मालदा (दक्षिण) लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर है. खबर लिखे जाने तक कांग्रेस के निवर्तमान सांसद अबु हासेम खान चौधरी भाजपा उम्मीदवार श्रीरूपा मित्रा चौधरी से 20 हजार वोट से आगे चल रहे थे. उनकी जीत की उम्मीद जतायी जा रही है. तृणमूल उम्मीदवार डॉ मोअज्जम हुसैन तीसरे स्थान पर हैं.

बालुरघाट संसदीय सीट से तृणमूल की निर्वतमान सांसद अर्पिता घोष पराजित हो गयी हैं. उन्हें भाजपा के सुकांत मजूमदार ने लगभग 32 हजार वोटों से हराया है.
 
25 सालों बाद सिक्किम में हो रहा परिवर्तन
सिलीगुड़ी. सिक्किम में इस बार परिवर्तन के आसार दिख रहे हैं. लगातार 25 वर्षों से राज कर रहे सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) को सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने लोकसभा चुनाव में हरा दिया है. एसकेएम उम्मीदवार इंद्र हंग सुब्बा ने एसडीएफ के डेक बहादुर कटवाल को लगभग 15 हजार वोटों से पराजित किया है. विधानसभा चुनाव में भी एसकेएम आगे चल रहा है. खबर लिखे जाते तक, 32 सीटों वाली विधानसभा में एसकेएम ने 14 सीटें जीत ली थीं, जबकि तीन सीटों पर उसकी बढ़त थी. इस तरह पूरी उम्मीद है कि एसकेएम 17 का जादुई आंकड़ा पा लेगा. अगर ऐसा हुआ तो यह एक ऐतिहासिक घटना होगी और 25 सालों बाद सिक्किम में सत्ता परिवर्तन होगा. एसडीएफ ने विधानसभा की नौ सीटें जीत ली हैं, जबकि छह पर उसकी बढ़त है.
 
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