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calcutta

  • Feb 3 2019 1:18AM

साहित्य उत्सव नहीं सृजन का पर्व है पुस्तक मेला

 मोबाइल एटीएम से लेकर सरकारी बस परिचालन केंद्र की व्यवस्था

कोलकाता : साहित्य उत्सव नहीं यह सृजन पर्व है. अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों की भीड़ को देखते हुए यही अहसास होता. साल्टलेक स्थित सेंट्रल पार्क में 31 जनवरी से आरंभ इस मेले में 500 से अधिक छोटे-बड़े पुस्तकों के प्रकाशकों के स्टाल में लोगों की भीड़ उमड़ रही है. 
 
यहां 07-09 फरवरी को कोलकाता साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें देश के अलावा विदेशों से भी विभिन्न भाषाओं के विद्वान, लेखक व राजनीति व साहित्यिक व्यक्तित्वों का जमावड़ा होगा. मेले में इस बार ग्वाटेमाला को थीम कंट्री है. इसके अलावा बांग्लादेश, वियतनाम, सोवियत रुस समेत विदेशी प्रकाशकों के स्टाल पर लोगों की भीड़ है. राज्य के पीएचडीई विभाग की ओर से पीने का पानी व विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा की व्यवस्था है. इस बार फुड स्टाल के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है. 
 
 पुस्तक मेले के गेट नंबर 8 के पास स्थित  करुणामयी बस स्टैंड के पास पुस्तक मेले में आने-जाने वालों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था है. इसके साथ ही वहां एक सरकारी बस परिचालन केंद्र खोला गया है, जो कि 3-9 बजे रात तक लोगों की सहायता के लिए खुला रहता है. 
 
अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों की भीड़, 7,8 व 9 फरवरी को कोलकाता साहित्य उत्सव
 
पुस्तक मेला में मॉक ड्रील
 
कोलकाता :  सॉल्टलेक स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित पुस्तक मेला में शनिवार को  आग पर नियंत्रण पाने के लिए  दमकल विभाग की ओर से मॉक ड्रील किया गया. इस मौके पर राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस, विधाननगर नगर निगम की चेयरपर्सन कृष्णा चक्रवर्ती समेत निगम के पार्षद व इलाके के कई स्कूलों के बच्चे उपस्थित थे.
 
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