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buxar

  • Sep 12 2019 4:44AM
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कृषि कार्य के लिए अलग से कनेक्शन देने की गति मंद

 बक्सर : जिले में कृषि कार्य करने के लिए अलग से किसानों को विद्युत कनेक्शन देने की गति सुस्त है. जबकि सरकार ने गत दिनों शिविर के माध्यम से कृषि कार्य के लिए कनेक्शन देने की पहल की थी,मगर जो आवेदन शिविर में पड़े उसके महज 17 फीसदी किसानों को ही कृषि कनेक्शन दिया जा सका. शेष आवेदन या तो साहबों के फाइलों में दफन हो रहा है. या विभागीय उदासीनता के कारण धूल फांक रहा है. किसान कनेक्शन लेने के लिए परेशान हैं. 

 
आये दिन विद्युत कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. जबकि बक्सर जिला भयंकर सूखे की चपेट में है. किसानों की रोपनी हुई धान की पौधे सूख रहे हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार बक्सर जिला में कृषि कनेक्शन देने का जिम्मा वीएलटी एजेंसी को सौंपा गया है. मगर एजेंसी द्वारा काफी मंद गति से कनेक्शन देने के कारण यह योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है.
 
 इस कारण विभाग पर भी सवाल खड़ा हो गया है. किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकार किसानों को कृषि कार्य के लिए अलग से कनेक्शन देने की योजना की ढोल पीट रही है. वही दूसरी तरफ कनेक्शन नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं. बक्सर जिला में जून माह तक कृषि कार्य के लिये कुल 16283 आवेदन शिविर के माध्यम से जमा हुआ था.
 
 2 अगस्त तक मात्र 2788 किसानों को ही विद्युत कनेक्शन दिया जा सका. शेष किसानों का आवेदन तकरीबन 13795 विभागीय कार्यालय का शोभा बढ़ा रही हैं. जबकि किसानों को कनेक्शन देने का काम गत डेढ़ साल से चल रहा है. जिस रफ्तार में कनेक्शन देना चाहिए, उस रफ्तार में कनेक्शन किसानों को मिल नहीं पा रहा है. 
 
कनेक्शन देने की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गयी
विद्युत कार्यपालक अधीक्षण अभियंता अविनाश कुमार ने कहा कि किसानों को कनेक्शन देने की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दिया गया है. तय समय सीमा के अंदर कृषि कनेक्शन नहीं लगने की संभावना के मद्देनजर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी कार्य करने वाली एजेंसी पर विभागीय शिकंजा कस सकती है. उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को हर हाल में नवंबर 2019 तक पूरा कर लेना है.
 
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