Advertisement

buxar

  • Mar 9 2019 7:14AM
Advertisement

दहेज हत्या में पति को 10 वर्षों की कैद

बक्सर :  एफटीसी 2 न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने दहेज हत्या में अभियुक्त पति को 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. विगत बुधवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए मृतका के पति अखिलेश पासवान को दहेज हत्या के मामले में दोषी पाया था. वहीं सास-ससुर एवं देवर को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया था.
 
 मामला इटाढ़ी थाना कांड संख्या 135 सन् 2017 से संबंधित है, जहां धनसोई थाना के दयालपुर गांव के रहने वाले सूचक सिपाही पासवान ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी लड़की मनपुरी देवी की शादी इटाढ़ी थाना के जमुआ गांव का रहने वाला अखिलेश पासवान के साथ वर्ष 2011 में किया था. 
 
शादी के बाद से ही लड़के द्वारा दहेज में मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी तथा इसको लेकर लड़की पर तरह-तरह के अत्याचार किये जा रहे थे. मामले को लेकर कई बार पंचायती भी की गयी, लेकिन ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा उसके साथ मारपीट जारी रहा.
 
 पीड़िता ने मरने से पूर्व कई बार फोन से बताया था कि मोटरसाइकिल नहीं देने पर उसकी हत्या कर दी जायेगी. इसी बीच 7 जुलाई 2017 को लड़की के पिता एवं कांड के सूचक सिपाही पासवान को यह सूचना मिली उसकी लड़की को जला दिया गया है. जब वह ससुराल पहुंचा तो अभियुक्त उसकी पुत्री को मरा छोड़ कर फरार हो गये थे. 
 
घटना को लेकर मृतका के पति अखिलेश पासवान, सास धान मुन्नी देवी, ससुर अवधेश पासवान एवं देवर विश्वनाथ पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा साक्ष्य के अभाव में अन्य अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया. 
 
वहीं उसके पति अखिलेश पासवान को भारतीय दंड विधान की धारा 304 बी के तहत दोषी पाया गया. फैसला सुनाये जाने के साथ ही अभियुक्त को कड़ी सुरक्षा में केंद्रीय कारा भेज दिया गया. सुनवाई में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रामकृष्ण चौबे एवं त्रिलोकी मोहन ने बहस में हिस्सा लिया.
 

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement