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  • Jan 18 2020 9:31AM
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डुमरांव महाराजा के श्राद्ध कर्म में शामिल होंगे मुख्यमंत्री, कई राजघरानों के सदस्य भी आयेंगे, देखें तस्वीरें...

डुमरांव महाराजा के श्राद्ध कर्म में शामिल होंगे मुख्यमंत्री, कई राजघरानों के सदस्य भी आयेंगे, देखें तस्वीरें...

पटना / डुमरांव : महाराजा बहादुर कमल सिंह के श्राद्धकर्म में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होने के लिए जायेंगे. महाराजा के श्राद्धकर्म में मुख्यमंत्री के शामिल होने को लेकर जिले के आलाधिकारी ने तैयारियों के साथ-साथ सख्त सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया है. मुख्यमंत्री के साथ-साथ देश के कई राजघरानों के सदस्यों के भी शामिल होने की उम्मीद है. मालूम हो कि लोकतंत्र के प्रथम सांसद और रियासती हुकूमत के अंतिम राजा महाराजा बहादुर कमल सिंह का निधन पांच जनवरी को सुबह पांच बजे हो गया था. राजपरिवार के पुराना भोजपुर स्थित कोठी में 94 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली.

मुख्यमंत्री पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा दोपहर सवा दो बजे पहुचेंगे. मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के उतरने को लेकर डीके कॉलेज मैदान में हेलीपैड बनाया गया है. मुख्यमंत्री यहां से सीधे भोजपुर कोठी पहुंच कर स्व. महाराजा बहादुर के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री तीन बजे पटना के लिए प्रस्थान करेंगे.

मुख्यमंत्री के साथ सूबे के मंत्री जय कुमार सिंह, संतोष कुमार निराला, जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह,पार्टी के प्रदेश नेता डॉ सुनील सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ सुभाष चंदशेखर सहित अन्य गण्यमान्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलते ही राज परिवार की भोजपुर कोठी में विशेष तैयारियां शुरू हो गयी थीं. 

लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे प्रथम लोकसभा के सदस्य महाराजा कमल सिंह

बक्सर संसदीय क्षेत्र से प्रथम और द्वितीय लोकसभा के सदस्य रहे 33 वर्षीय महाराजा कमल सिंह साल 1959 में डुमरांव में अपने किले में स्थित मार्बल हॉल से जनता को संबोधित किया था. साल 1952 में सांसद चुने जाने के वक्त उनकी उम्र मात्र साढ़े 25 वर्ष थी. सभा में जुटी श्रोताओं की अनुशासित भीड़ उनकी लोकप्रियता की द्योतक है. आज भी महाराजा बहादुर लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है. उनकी कठोर तथा अनुशासित जीवनशैली के किस्से इलाके में सुनाये जाते हैं.

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के तिलई इस्टेट की थी महारानी

महाराजा कमल सिंह का जन्म 29 सितम्बर, 1926 को डुमरांव राजगढ़ में हुआ था. महाराजा बहादुर रामरण विजय प्रसाद सिंह एवं महारानी कनक कुमारी की प्रथम संतान के रूप में कमल सिंह के जन्म होने पर काफी खुशियां मनायी गयी थी. महाराज कमल सिंह की आरंभिक शिक्षा देहरादून स्थित कर्नल ब्राउन्स कैंब्रिज स्कूल से पूरी हुई थी. महाराजा बहादुर कमल सिंह की शादी उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित तिलई इस्टेट के राजा विश्वनाथ प्रसाद सिंह की पुत्री उषा रानी के साथ हुई थी. उनके दो पुत्रों में युवराज चंद्रविजय सिंह व वधू कनिका सिंह और छोटे युवराज मानविजय सिंह व पुत्रबधु अरुणिका सिंह हैं.

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