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  • Jan 11 2019 2:54PM
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मध्यप्रदेश में "द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर" पर विवाद, भाजयुमो कार्यकर्ताओं का हंगामा

मध्यप्रदेश में

इंदौर : बहुचर्चित फिल्म "द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर" को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के एक वरिष्ठ नेता के कथित रूप से धमकी भरे संदेश पर भड़के करीब 300 भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को यहां एक शॉपिंग मॉल में हंगामा किया. वे अनुपम खेर के प्रमुख किरदार वाली फिल्म की रिलीज के पहले दिन इसका शो देखने पहुंचे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बैंड-बाजे के साथ आये भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विजय नगर क्षेत्र स्थित मल्हार मेगा मॉल में एक साथ दाखिल हुए.

हंगामे की आशंका को देखते हुए वहां पहले ही पुलिस बल तैनात था. अधिकारी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं को शॉपिंग मॉल में हुड़दंग से रोका गया और उनसे कहा गया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से फिल्म देखें.

इस दौरान पुलिस और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच हील-हुज्जत और मामूली कहा-सुनी भी हुई. भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस पर "तानाशाही" का आरोप लगाया.

भाजयुमो की शहर इकाई के अध्यक्ष मनस्वी पाटीदार ने संवाददाताओं से कहा, 'भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने प्रदेश के सिनेमाघरों में द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर के प्रदर्शन के खिलाफ टॉकीज मालिकों को खुलेआम धमकी दी थी. हमने इस धमकी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए फिल्म देखी."

एनएसयूआई की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की फेसबुक प्रोफाइल पर इस फिल्म का ट्रेलर पोस्ट करते हुए 28 दिसंबर को लिखा गया था, "जो भी थियेटर इस झूठी फिल्म को दिखाने का प्रयास करेगा, उस थियेटर के नुकसान की जिम्मेदारी उसके मालिक की होगी."

इस विवादास्पद पोस्ट पर वानखेड़े की प्रतिक्रिया कई प्रयासों के बावजूद अब तक नहीं मिल सकी है. एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने हालांकि इस पोस्ट पर कहा, "यह पोस्ट वानखेड़े का निजी विचार हो सकता है. सूबे की कांग्रेस सरकार ने इस फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सिनेमाघरों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये हैं.''

बहरहाल, त्रिपाठी यह आरोप लगाने से नहीं चूके कि अगले लोकसभा चुनावों से पहले रिलीज फिल्म "द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर" भाजपा द्वारा "प्रायोजित" प्रतीत होती है. उन्होंने कहा, "इस बॉलीवुड शाहकार के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की छवि धूमिल करने की कोशिश की गयी है."

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