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bokaro

  • Sep 13 2019 6:04PM
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बोकारो में डीवीसी के टूटे ऐश पौंड की मरम्मत शुरू, जांच के लिए कोलकाता से आयी टेक्निकल टीम

बोकारो में डीवीसी के टूटे ऐश पौंड की मरम्मत शुरू, जांच के लिए कोलकाता से आयी टेक्निकल टीम

संजय कुमार मिश्रा

बोकारो थर्मल : बुधवार की रात को बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित डीवीसी के टूटे एक नंबर ऐश पौंड की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. मामले की जांच करने डीवीसी मुख्यालय कोलकाता से मेंबर टेक्निकल आरपी त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम शुक्रवार को बोकारो थर्मल ऐश पौंड पहुंची. जांच टीम में मेंबर टेक्निकल आरपी त्रिपाठी के अलावा इडी प्रोजेक्ट बीएन शाह, मुख्य अभियंता मो यासीन सहित सिविल के कई अभियंता, स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार, डिप्टी चीफ (सिविल) अरुण कुमार, टी अकबर, वीएन शर्मा, इइ बंधन राय व अन्य शामिल थे.

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जांच टीम ने टूटे हुए ऐश पौंड सहित सेटलिंग पौंड, रिकवरी सिस्टम आदि का निरीक्षण कर जांच की. उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश स्थानीय प्रोजेक्ट हेड सहित डिप्टी चीफ सिविल को दी. गुरुवार की रात को टूटे एक नंबर पौंड के नीचे बना सेटलिंग पौंड भी टूट गया. रात में पौंड में पड़ी दरार की जगह से पूरा पौंड गिर गया. इसके अलावा रिकवरी सिस्टम के समीप का पौंड भी एक नंबर पौंड से रिकवरी होकर आने वाले लगातार ऐश युक्त पानी के कारण टूटकर गिर पड़ा. दोनों स्थानों पर पौंड के टूटने से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.

मेंबर टेक्निकल और इडी प्रोजेक्ट के नेतृत्व में शुक्रवार को आयी जांच टीम के आने के बाद टूटे एक नंबर पौंड की मरम्मत का काम डीवीसी के डिप्टी चीफ सिविल अरुण कुमार की देखरेख में शुरू हुआ. पौंड की मरम्मत के लिए मशीनों के साथ-साथ मजदूरों को भी लगाया गया. बोरियों मेें भरकर रेत और छाई को भी टूटे हुए स्थान पर गिराने का काम शुरू किया गया.

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टूटे ऐश पौंड का निरीक्षण करने आये इडी प्रोजेक्ट बीएन शाह ने कहा कि पौंड टूटने की घटना पर डीवीसी मुख्यालय काफी गंभीर है. बुधवार की रात को पौंड टूटने के बाद पौंड में पानी का डिस्पोजल बंद कर दिया गया. पौंड कैसे टूटा, इसकी जांच की जा रही है. बंद पड़े पावर प्लांट को चालू करना पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि तीन दिन में एक यूनिट को चालू कर दिया जायेगा. दूसरी यूनिट को भी जल्द ही चालू कर दिया जायेगा.

पौंड को 6 फुट तक मिट्टी से बांधे जाने और दबाव से पौंड के टूटने के प्रश्न पर इडी प्रोजेक्ट ने कहा कि पिछले दिनों सीसीएल द्वारा छाइ के उठाव पर रोक लगा देने के कारण प्लानिंग के तहत ही पौंड को मिट्टी से ऊंचा करने का काम किया गया था. इससे पौंड पर दवाब नहीं पड़ा है. मामले में डीवीसी के इंजीनियर की लापरवाही और कार्रवाई के प्रश्न पर इडी ने कहा कि बोकारो थर्मल से कोलकाता जाने के बाद मामले को लेकर एक जांच कमेटी का गठन किया जायेगा. जांच कमेटी पौंड कैसे टूटा, इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी. उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.

छह फीट पानी में डूबा रिकवरी पंप हाऊस और पैनल रूम

ऐश पौंड से पावर प्लांट को रिकवरी सिस्टम के तहत पानी की सप्लाई करने वाला रिकवरी का पंप हाऊस छह फीट छाई युक्त पानी में डूबा हुआ है. पंप हाऊस के कई मोटर और एक बाइक भी छाइ एवं मिट्टी में दबा हुआ है. कोलकाता से आयी जांच टीम के आने के बाद पंप हाउस से मजदूरों को लगाकर मिट्टी, छाइ एवं पानी को निकालने का काम आरंभ किया गया, ताकि पानी के कारण खराब मोटरों की मरम्मत करवायी जा सके. इसी तरह रिकवरी के पैनल रूम में भी छह फीट पानी भरा हुआ है और सारा पैनल पानी में डूबा है.

रूटीन जांच के नाम पर होती थी खानापूरी

डीवीसी के ऐश पौंड में सिविल एवं पावर प्लांट के इंजीनियरों की प्रतिदिन की रूटीन ड्यूटी है कि वे पौंड का चेकअप करें और किसी भी प्रकार के डैमेज को देखकर पौंड की मरम्मत का काम करायें. पौंड से कई स्थानों पर पांच माह से पानी का रिसाव हो रहा था और रूटीन चेकअप करनेवाले इंजीनियरों का ध्यान इस ओर नहीं था. जांच के नाम पर इंजीनियर खानापूरी कर रहे थे. डीवीसी के टूटे ऐश पौंड से सेटलिंग पौंड होकर रिकवरी सिस्टम के तहत ओवरफ्लो होकर छाइयुक्त गंदा पानी कोनार एवं दामोदर नदी में जाकर नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है.

सामान्य हो रहा जनजीवन

पौंड टूटने के बाद स्थानीय कारो स्पेशल फेज-2, निशन हाट झोपड़पट्टी काॅलोनी तथा डीवीसी के एचएमटी काॅलोनी के प्रभावित लोगों का जनजीवन शुक्रवार को सामान्य होता दिखा. डीवीसी प्रबंधन के द्वारा मुआवजा के नाम पर महज खानापूरी की कार्रवाई को लेकर लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है. काॅलोनी के प्रभावित लोगों का कहना था कि यह फौरी राहत थी, न कि मुआवजा. उनका कहना था कि डीवीसी के अधिकारियों एवं इंजीनियरों की लापरवाही के कारण उनका सारा सामान बर्बाद हो गया एवं घर क्षतिग्रस्त हो गया.

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