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bhagalpur

  • Jan 12 2019 3:28AM

भागलपुर : विक्रमशिला पुल और एनएच 80 पर महाजाम, रोया भागलपुर, भड़के लोग

भागलपुर :  विक्रमशिला पुल और एनएच 80 पर महाजाम, रोया भागलपुर, भड़के लोग
भागलपुर : ओवरटेकिंग पर अधिकारियों की नरमी, पुख्ता व्यवस्था की कमी और जिलों के बीच समन्वय के अभाव का खामियाजा शुक्रवार को दिन भर भागलपुर सहित नवगछिया, कटिहार और बांका जिले के लोगों को झेलना पड़ा. इस कारण जगह-जगह झड़प होती रही. शुक्रवार सुबह जब लोगों की नींद खुली तो देखा कि शहरी क्षेत्र की सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतार थी.
 
 जाम बांका की ओर से झारखंड सीमा से लेकर कटिहार के कुरसेला तक लगभग 105 किलोमीटर लगा रहा. अलीगंज से लेकर भागलपुर जीरोमाइल चौक तक का सफर तय करने में वाहनों को 17 घंटे से भी अधिक का वक्त लगा. सुबह से लगा जाम रात 8.30 तक कायम रहा, फिर रात नौ बजे नो इंट्री हटते ही ट्रकों का रेला शुरू हो गया. और बची-खुची जगह भी हो गयी पैक.
 
दिन में जगह-जगह स्कूली बच्चे फंसे रहे. महाराष्ट्र से सिलीगुड़ी जा रहे पर्यटकों की बस के शहर में घंटों फंसे रहने से परेशान महिला पर्यटकों ने हंगामा किया. उनके बच्चे प्यास और भूख से परेशान हो रो रहे थे. कुछ देर के लिए उन लोगों ने सड़क भी जाम किया. वो व्यवस्था को कोस रहीं थीं. 
 
डीपीएस, भागलपुर के 86 छात्र-छात्राएं तीन बसों में घंटों कुरसेला में फंसे रहे. बाथरूम, पानी और सुरक्षा की आशंका से छात्राएं फूटफूट कर रोती रहीं. दर्जनों एंबुलेंस जगह-जगह फंसे रहे. आइजी बिनोद कुमार अपने कार्यालय नहीं जा सके और बंदियों को पैदल कोर्ट लाना पड़ा. इधर, व्यवस्था से नाराज चेंबर अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ ने प्रशासन को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधार सकते तो उनकी दुकानों में ताला लगा दें.
 
गली-गली रहा जाम
जाम का दंश शहर के सभी चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और गलियों ने झेला. जिसमें मरीज, स्कूली बच्चे, बूढ़े, सरकारी और गैर सरकारी कर्मी से लेकर अधिकारी भी फंसे रहे. इधर विक्रमशिला पुल पार करने वाले वाहनों को जीरोमाइल से लेकर विक्रमशिला सेतु चढ़ने तक का सफर तय करने में करीब छह घंटे लग गये. स्थिति और भी विषम तब हो गयी जब दोपहर ढाई बजे के बाद स्कूली बसें सड़कों पर उतरीं. 
 
एसएसपी व 11 थानों की पुलिस उतरी सड़क पर
हालात की गंभीरता को भांपते हुए भागलपुर पुलिस के अधिकारी भी सड़कों पर उतरे और उन्होंने जाम से निजात दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया. लेकिन देर रात तक शहर को जाम से छुटकारा नहीं मिल सका. एसएसपी, सिटी डीएसपी सहित भागलपुर के 11 थानों के थानेदारों को जाम से निबटने के लिए लगाया गया था. लोगों के पास जाम में फंस कर इंतजार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था.
 
ओवरटेकिंग, मसाढ़ू पुल का बैकलॉग बना सबसे बड़ा कारण
नवगछिया-कटिहार-भागलपुर पुलिस प्रशासन के बीच नहीं बन रहा समन्वय
महाराष्ट्र से सिलीगुडी जा रहे पर्यटक फंसे, महिलाओं ने किया हंगामा
डीपीएस, भागलपुर के 86 छात्र-छात्राएं कुरसेला में फंसे
भड़का चेंबर, कहा : व्यवस्था नहीं सुधार सकते, तो हमारी दुकानों में  ताला लगा दें
 
आइजी नहीं जा सके अपने कार्यालय
वाहनों की अवैध पार्किंग, ओवरटेकिंग व टेम्पू रूट के उल्लंघन पर पुलिस की नरमी जाम का मुख्य कारण बना. अगर नियमों पर सख्ती की जाती, तो स्थिति से कुछ निजात मिलता.
 
पुलिसकर्मियों की कमी 
पुलिसकर्मियों की कमी की वजह से बलों को विभिन्न चौक-चौराहों और सड़कों पर तैनात नहीं किया जा सका. मौजूदा बलों की संख्या को ही शहर के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर लगाया गया था.
 
धिकारियों में समन्वय की कमी 
जाम में अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी साफ देखी गयी. अगर समन्वय होता तो भागलपुर एसएसपी को जाम हटाने के लिए कुरसेला तक नहीं जाना पड़ता.
 
मसाढ़ू पुल के वाहनों का बैकलॉग 
मसाढ़ू पुल के बंद होने की वजह से नवगछिया की तरफ से कहलगांव की ओर जाने वाले वाहनों को नवगछिया की तरफ ही एक कतार में खड़ा कर दिया गया था. इसके अलावा नो इंट्री के दूसरी कतार ने एनएच 31 को संकरा कर दिया.

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