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  • Mar 20 2017 12:09PM

घर में छिपी रहती हूं : अलका याग्निक

घर में छिपी रहती हूं : अलका याग्निक
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अलका याग्निक

अपनी दिलकश आवाज़ के ज़रिए गायिका अलका याग्निक ने कई सालों तक लोगों के दिलों पर राज किया है.

बीबीसी से हुई एक ख़ास बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि आजकल वो हैं कहां, तो उन्होंने कहा, ''फिलहाल मुंबई में ही हूं और घर में छुपी बैठी हूँ, मीडिया से थोड़ा घबराती हूं, सारी ज़िन्दगी इतने इंटरव्यू दिए कि अब थक गई हूँ.''

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लोगों की रुचि बदली तो संगीत भी बदला

कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली अलका याग्निक का जन्म का जन्म 20 मार्च 1966 को कोलकाता में हुआ था.

इतना लंबा अरसा फ़िल्मी दुनिया में बिताने के बाद जो बदलाव आए हैं, उसके बारे में उनका कहना है, ''आज के समय में संगीत के लिहाज़ से गानों का स्टाइल बदल चुका है, मेलोडी अब कम सुनाई देती है, ,सूफी रीमिक्स और आइटम सांग्स अब ज़्यादा सुनाई देते हैं. इस लिहाज़ से आज का दौर काफी अलग है. यहाँ किसी का टिकना उतना ही मुशकिल होता जा रहा है अब.''

उन्होंने कहा कि रियलिटी शो की वजह से कई कलाकारों को मौका मिल रहा है. लेकिन संगीत की क्वालिटी अच्छी नहीं है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे और अच्छी मेलोडी वाले गाने ज़रूर आएंगे.

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अलका याग्निक

अलका ने अमिताभ बच्चन की फिल्म 'लावारिस' में "मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है..." गाया था, जो जबरदस्त हिट हुआ.

मुंबई में संघर्ष करने के बाद 1988 में फिल्म 'तेजाब' में गाए गीत "एक दो तीन..." से उन्हें असली सफलता मिली और वो पार्श्वगायिका के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुईं.

अलका "मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है..." गाने को याद करते हुए कहती हैं, ''जब ये गाना गाया था, तब अंदाज़ा नहीं था की इस गाने से एक पहचान मिलेगी. कल्याण जी आनंद जी तब कहा करते थे की तुम्हरा नाम 'अंगना याग्निक' होना चाहिए. तब इस गाने को रिहर्सल के तौर पर गाया था.

अलका याग्निक का कहना है, "उनके ज़माने में वो लोग काम के दम पर आगे बढ़ते थे. लेकिन आजकल तो हर नए सिंगर को मीडिया रातोंरात स्टार बना देती है, अगर एक गाना भी पापुलर हो गया और सिंगर उसको फ़ॉलोअप नहीं कर पाया तो उसकी हालत आया-गया हो जाती है."

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वो कहती हैं, ''जो ख़्वाहिश नहीं थी, वो भी पूरी हो गई, अब ज़िन्दगी में जो भी मिले वो सरप्राइज़ होना चाहिए, जो सोचा नहीं था वो मिल गया.''

अलका का कहना था कि हर गाने की अपनी लाइफ होती है, अगर उसमें दम होगा तो उसे पापुलर होने से कोई नहीं रोक सकता.

किस गाने को रिकॉर्ड करने में उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ी? इस सवाल पर अलका का कहना था की फिल्म स्वदेश का 'सावरियां' गाने को रिकॉर्ड करने में बहुत मेहनत करनी पड़ी थी. गाना बहुत उतार-चढ़ाव भरा था. इस वजह से उसको समझने में टाइम लगा.

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