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  • Jan 17 2020 10:42PM
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निर्भया मामले में दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी

निर्भया मामले में दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी
निर्भया मामले में दोषियों के ख़िलाफ़ नया डेथ वारंट जारी किया गया है.

पाटियाला कोर्ट ने अब दोषियों को फांसी देने के लिए एक फरवरी को सुबह छह बजे का वक्त तय किया है.

इससे पहले इन चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जानी थी.

लेकिन दिल्ली सरकार ने बुधवार को अदालत को बताया था कि एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है, इसलिए 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती है.

शुक्रवार को चारों दोषियों में एक मुकेश सिंह की दया याचिका को राष्ट्रपति ने ख़ारिज कर दिया है.

मुकेश सिंह के अलावा विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को इस मामले में फांसी दी जानी है.

राहुल गांधी
Getty Images

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'गिरफ़्तार हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी देविंदर सिंह को चुप कराने के लिए उन्हें एनआईए को सौंपा गया है'.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल किया है कि सरकार ने ये फ़ैसला क्यों लिया है.

इसी सप्ताह गृह मंत्रालय ने ये मामला एनआईए को सौंपने का फ़ैसला लिया था.

सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा "देविंदर सिंह को चुप कराने का सबसे अच्छा तरीक़ा ये है कि उन्हें एनआईए को सौंप दिया जाए. एनआईए की अध्यक्षता योगेश चंद्र मोदी कर रहे हैं जो गुजरात गंदों और हरेन पांड्या हत्या के मामले की जांच कर चुके हैं. उनकी अध्यक्षता में ये मामला अब नहीं बढ़ेगा."

https://twitter.com/RahulGandhi/status/1218045521157185537

एनआईए कश्मीर में चरमपंथियों की आर्थिक मदद करने के कई मामलों की पहले से ही छानबीन कर रही है.

एनआईए के अनुसार वो ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आख़िर चरमपंथियों के साथ सहयोग करने के पीछे डीएसपी देविंदर सिंह रैना का असल मक़सद क्या हो सकता है.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह को चरमपंथियों की मदद करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

संघ प्रमुख ने कहा- 'अगली योजना दो बच्चों का क़ानून बनवाना है'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 'आरएसएस की आगामी योजना देश में दो बच्चों का क़ानून लागू कराना है'.

मोहन भागवत ने ये बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में गुरुवार को संघ के कार्यकर्ताओं से बातचीत के लिए आयोजित 'जिज्ञासा सत्र' के दौरान कही.

आरएसएस प्रमुख गुरुवार से चार दिन के लिए मुरादाबाद के दौरे पर हैं.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत
Reuters

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र ने बताया कि संघ प्रमुख का कहना था कि ये योजना संघ की है लेकिन इस पर कोई भी फ़ैसला सरकार को लेना है. संघ प्रमुख ने इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों के कई सवालों के जवाब दिए.

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "संघ की भूमिका इस प्रकरण में सिर्फ़ ट्रस्ट निर्माण होने तक है. इसके बाद संघ ख़ुद को इससे अलग कर लेगा."

कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि 'मथुरा और काशी का मामला संघ के एजेंडे में ना तो कभी था और ना ही आगे रहेगा'.

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद-370 हटाने, सीएए लागू करने जैसे मामलों में संघ पूरी तरह से सरकार के साथ है.

ओवैसी का सवाल, लिंच करने वालों को कौन सुधारेगा?

भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) बिपिन रावत के एक बयान पर ऑल इंडिया मजलिसे-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल किया है कि 'लिंच करने वालों को कौन सुधारेगा'.

उन्होंने सवाल किया कि 'लिंच करने वालों और उनके आकाओं को इस सोच से मुक्ति दिलाने वाले शिविर कौन भेजेगा'.

साथ ही उन्होंने पूछा कि 'असम में बंगाली मुसलमानों के लिए नागरिकता का विरोध कर रहे लोगों को कौन ऐसे शिविरों में ले जाएगा'.

https://twitter.com/asadowaisi/status/1217789978358403072

उन्होंने ये भी सवाल किया कि 'बदला और पाकिस्तान जाओ कहने वाले मेरठ के एसपी को कौन शिविर भेजेगा'.

हाल ही में मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए ये कह रहे थे कि "ये जो काली और पीली पट्टी बाँधे हुए हैं, इनसे कह दो पाकिस्तान चले जाएं."

गुरुवार को बिपिन रावत ने कहा था कि 'देश में कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविर (डी-रेडिकलाइज़ेशन कैंप) चलाए जा रहे हैं'.

उन्होंने कहा कि "कश्मीर में 10-12 साल के लड़के-लड़कियों को कट्टरपंथी बना दिया गया है और उन बच्चों को भी ऐसे शिविरों में लाना पड़ रहा है जो चिंता का विषय है."

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