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bbc news

  • Oct 23 2019 7:24AM
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कनाडा चुनाव : सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं लेकिन बहुमत से दूर ट्रूडो की पार्टी

कनाडा चुनाव : सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं लेकिन बहुमत से दूर ट्रूडो की पार्टी

जस्टिन ट्रूडो अपनी पत्नी के साथ

Reuters

कनाडा के आम चुनाव में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी सबसे अधिक सीटें जीतने में तो कामयाब रही लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई.

सबसे ज़्यादा सीटें जीतने पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्रूडो को बधाई दी है.

कड़े मुक़ाबले वाले चुनाव में लिबरल पार्टी के 157 सीटें जीतने की संभावना है जो कि बहुमत के आंकड़ें से 13 सीट कम है. ऐसे में ट्रूडो को अपने दूसरे कार्यकाल में क़ानून पारित कराना मुश्किल होगा.

लिबरल पार्टी को मिले 33 फीसदी वोट की तुलना में कंज़रवेटिव पार्टी को अधिक वोट यानी 34.4 फीसदी वोट मिलने की संभावना है. लेकिन फिर कंज़रवेटिव पार्टी सीटों की संख्या के मामले में पिछड़ती दिख रही है.

विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी को 121 सीटें मिलने की उम्मीद है. बीते चुनाव में इस पार्टी ने 95 सीटें हासिल की थीं. कनाडा में इस बार करीब 66 फीसद मतदान हुआ है.

वामपंथी झुकाव वाली न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) की सीटें कम हुई हैं. हालांकि इसके नेता जगमीत सिंह किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं. 338 सीटों वाली संसद में एनडीपी को 24 सीटें मिलने की संभावना है.

जस्टिन ट्रूडो अपने परिवार के साथ
Getty Images

ट्रूडो ने दिया धन्यवाद

इन संघीय चुनाव को ट्रूडो के लिए जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा था जिनका पहला कार्यकाल उतार-चढ़ाव भरा रहा.

ट्रूडो ने मॉन्ट्रियल में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, 'मतदाताओं ने विभाजन और नकारात्मकता को ख़ारिज कर दिया. लोगों ने प्रगतिशील एजेंडे और जलवायु परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है."

उन्होंने कहा, "हम पर विश्वास रखने के लिए और देश को सही दिशा में ले जाने के लिए मैं लोगों को धन्यवाद देता हूं."

साथ ही ट्रूडो ने उन्हें वोट नहीं करने वालों को भी संबोधित करते हुए विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार हर दिन सभी के हित के लिए काम करेगी.

इस बार ट्रूडो को मिली कम सीटों को उनके पिछले कार्यकाल से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन यह नतीजे कंज़रवेटिव नेता एंड्रयू शीयर के लिए बेहद निराशाजनक है.

कनाडा आम चुनाव नताजे में एंड्रयू स्कीर के समर्थक परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए
Getty Images

ट्रूडो की लोकप्रियता क्यों कम हुई?

ट्रूडो 2015 में "वास्तविक परिवर्तन" और प्रगतिशील बदलाव लाने का वादा करते हुए सत्ता में आए थे. लेकिन चार साल सत्ता में रहने के बाद ट्रूडो को इन वादों को पूरा न कर पाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा.

उन्होंने ट्रांस माउंटेन तेल पाइपलाइन परियोजना के विस्तार का समर्थन किया और इससे उनकी उनकी छवि को नुकसान हुआ. उन्होंने संघीय चुनाव में सुधार के वादे को पूरा नहीं किया. इससे वाम-झुकाव वाले कुछ मतदाता उनसे नाराज़ हो गए थे.

हालांकि, कनाडा के कई शिक्षाविदों की ओर से किए गए स्वतंत्र मूल्यांकन के अनुसार ट्रूडो ने लगभग 92 प्रतिशत वादों को पूर्ण या आंशिक रूप से पूरा किया है. ये रिकॉर्ड पिछले 35 वर्षों में कनाडा की किसी भी दूसरी सरकार से बेहतर है.

चुनाव को दौरान ट्रूडो की छवि तब एकबार ख़तरे में आ गई जब तीन अलग-अलग मौकों पर ब्लैक-मेकअप के साथ प्रधानमंत्री की तस्वारें वायरल हो गईं.

कनाडा चुनाव
Getty Images

नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?

चुनावी नतीजों के बाद ट्रूडो ने अपने भाषण में क्यूबेक और पश्चिमी कनाडा के प्रांतों का ज़िक्र भी किया. इन जगहों पर उनकी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है. उन्होंने कहा, "मैंने आपकी हताशा सुनी और समझी है."

https://twitter.com/JustinTrudeau/status/1186521106888515585

वहीं शीयर ने कहा कि उन्हें इस बात पर बहुत गर्व है कि कंज़रवेटिव पार्टी का एक बड़ा दल राजधानी ओटावा जाने वाला है.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने ट्रूडो को चुनौती दी, उनके नेतृत्व को नुकसान पहुंचाया है और उनकी सरकार जल्द ही गिर जाएगी.

https://twitter.com/realDonaldTrump/status/1186500787922448384

कनाडा के लिए आगे की राह क्या है?

कनाडा में अल्पमत सरकार बनना कोई नई बात नहीं हैं. पिछले 15 सालों में ऐसी तीन सरकारें सत्ता में रह चुकी हैं. लेकिन गठबंधन की सरकार कम ही बनी हैं.

आखिरी बार 2008 में लिबरल पार्टी और एनडीपी द्वारा इसकी कोशिश की गई थी लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के संसद स्थगित करने के बाद उस सरकार को भंग दिया गया था.

विश्लेषकों का मानना है कि लिबरल पार्टी और एनडीपी के बीच फिर से कुछ जुड़ाव हो सकता है. उनका मानना है कि ब्लॉक क्यूबेकोइस, जिसने स्वतंत्रता की मांगों पर अपना रुख नरम कर लिया है वो न तो किसी गठबंधन में जाएगी और न ही किसी अन्य चुनाव के लिए ज़ोर देगी.

बल्कि परिणाम के बाद के भाषण में, ब्लॉक नेता वेस-फ्रांस्वा ब्लैंशेट ने कहा, "हमें इस संसद को ठीक से चलाने के लिए रास्ता खोजना होगा."

कोई गठबंधन किए बिना ट्रूडो को अपनी नीतियां पास करवाने के लिए समझौते करने की आवश्यकता पड़ेगी.

ट्रुडो
Getty Images

वहीं शीयर को अपनी स्थिति का आंकलन करना होगा. उन्होंने खुद को कनाडा के लोगों के सामने एक ऐसे उम्मीदवार के तौर पर खड़ा किया था जो सीधे मतदाताओं के जीवन और उनकी जेब को प्रभावित करते मुद्दों पर बात कर रहे थे.

कंज़रवेटिव पार्टी को इन मुद्दों का फ़ायदा तो नहीं मिला बल्की पार्टी को समलैंगिक विवाह और गर्भपात जैसे मुद्दों पर रुख़ को लेकर सवालों और आलोचना का सामना करना पड़ा.

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