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bbc news

  • Sep 11 2019 2:35PM
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उन्नाव रेप केस: एम्स ट्रॉमा सेंटर में लगी अदालत

उन्नाव रेप केस: एम्स ट्रॉमा सेंटर में लगी अदालत

उन्नाव रेप मामले में पीड़िता का बयान रिकॉर्ड करने के लिए एम्स में विशेष अदालत लगाई गई है.

बुधवार को इस मामले के अभियुक्त पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तिहाड़ जेल से एम्स लाया गया. एम्स में भर्ती पीड़िता का बयान जज के सामने रिकॉर्ड किया जाएगा.

पीड़िता बीती 28 जुलाई को रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं. इस हादसे में उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी और उनके वकील भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

पीड़िता के परिजनों ने इस हादसे को एक साज़िश बताते हुए कुलदीप सेंगर पर आरोप लगाया था.

इसके बाद भाजपा से निष्कासित कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ हत्या का मुक़दमा भी दर्ज किया गया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दी थी.

बलात्कार और पॉक्सो एक्ट का है मामला

कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ पहले से दिल्ली की एक सत्र अदालत के आदेश के बाद पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं.

अदालत ने सेंगर पर बलात्कार 376 (1) और आपराधिक साज़िश (120 B) समेत आईपीसी की कई धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. साथ ही पॉक्सो एक्ट के सेक्शन तीन और चार के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को इस संबंध में सभी मामले उत्तर प्रदेश से दिल्ली की सीबीआई अदालत को ट्रांसफ़र करने का आदेश दिया था.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि इस मामले के लिए तय किए गए एक जज दिल्ली में रोज़ाना सुनवाई शुरू करेंगे और इसे 45 दिनों के भीतर पूरी करेंगे.

5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाने का आदेश दिया था. पीड़िता के पिता की पहले ही पुलिस हिरासत में मौत हो चुकी है.

कुलदीप सेंगर पर क्या आरोप?

कुलदीप सिंह सेंगर पर लड़की से कथित तौर पर जून 2017 में बलात्कार करने का आरोप है.

लड़की ने आरोप लगाया था कि विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने घर पर उस वक़्त उसके साथ बलात्कार किया था जब वो अपने एक रिश्तेदार के साथ उनके घर पर नौकरी मांगने गई थी.

इस मामले में उस वक़्त पीड़ित लड़की की एफ़आईआर पुलिस ने नहीं लिखी थी जिसके बाद लड़की के परिवार वालों ने कोर्ट का सहारा लिया.

उनका आरोप है कि विधायक और उनके साथी पुलिस में शिक़ायत नहीं करने का दबाव बनाते रहे हैं और इसी क्रम में विधायक के भाई ने तीन अप्रैल को उनके पिता से मारपीट भी की. इसके बाद हिरासत में लड़की के पिता की मौत हो गई.

लड़की के पिता का उनकी मृत्यु से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था विधायक के भाई और कुछ अन्य लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें मारा-पीटा था.

पुलिस की इसी कथित निष्क्रियता और विधायक की कथित दबंगई से त्रस्त होकर पीड़ित लड़की ने सीएम आवास के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया, इस घटना के बाद ये मामला सुर्खियों में आ गया.

उन्नाव रेप केस में अब तक क्या-क्या हुआ?

4 जून 2017: पीड़िता ने विधायक कुलदीप सेंगर के घर रेप का आरोप लगाया.

11 जून 2017: पीड़िता लापता हुई, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़.

22 जून 2017: पीड़िता की कोर्ट में पेशी, बयान दर्ज़.

04 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता आर्म्स एक्ट में गिरफ़्तार.

09 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत.

11 अप्रैल 2018: यूपी सरकार ने केस सीबीआई को सौंपा.

13 अप्रैल 2018: विधायक गिरफ़्तार, सीबीआई ने की पूछताछ.

11 जुलाई 2018: सेंगर अभियुक्त करार, सीबीआई की पहली चार्जशीट.

28 जुलाई 2019: पीड़िता की कार को ट्रक ने टक्कर मारी.

31 जुलाई, 2019: सीबीआई को सौंपी गई जांच.

1 अगस्त, 2019: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- सभी केस दिल्ली ट्रांसफ़र.

2 अगस्त, 2019: सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के चाचा को सुरक्षा कारणों से दिल्ली के तिहाड़ जेल शिफ़्ट करने का आदेश दिया.

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