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bbc news

  • Aug 25 2019 1:51PM
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जेटली का पार्थिव शरीर बीजेपी मुख्यालय पहुंचा, 2.30 बजे अंतिम संस्कार

जेटली का पार्थिव शरीर बीजेपी मुख्यालय पहुंचा, 2.30 बजे अंतिम संस्कार
बीजेपी के संकटमोचक कहलाने वाले अरुण जेटली का पार्थिव शरीर बीजेपी मुख्यालय पर लाया गया है. बीजेपी मुख्यालय में जेटली का शव दोपहर बाद एक बजे तक रहेगा, जहां नेता और पार्टी कार्यकर्ता श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

नई दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित बीजेपी के दफ़्तर में जेटली का अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का पहुंचना जारी है. एक बजे से ढाई बजे के बीच जेटली के पार्थिव शरीर को यमुना नदी के निगमबोध घाट पर लाया जाएगा और यहीं पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि होगी. पार्टी मुख्यालय से निगम बोध घाट की दूरी आठ किलोमीटर है.

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शनिवार दोपहर में 12:07 बजे दिल्ली के एम्स अस्पताल में जेटली का निधन हुआ था. साँस की शिकायत के बाद नौ अगस्त को जेटली को एम्स में भर्ती किया गया था.

शनिवार शाम जेटली का पार्थिव शरीर दिल्ली स्थित उनके आवास कैलाश कॉलोनी लाया गया था. शनिवार की शाम सैकड़ों नेता कैलाश कॉलोनी जेटली के आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. श्रद्धांजलि देने वालों में न केवल बीजेपी के बल्कि दूसरी पार्टी के नेता भी शामिल थे.

प्रधानमंत्री मोदी देश से बाहर हैं और वो बहरीन में जेटली को याद करते हुए भावुक हो गए थे.

पीएम मोदी ने कहा था, ''मेरा दोस्त अरुण चला गया. मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं कि मेरा दोस्त नहीं रहा. कुछ ही दिन पहले हमने सुषमा बहन को खो दिया था. आज मेरा दोस्त अरुण चला गया.''

प्रधानमंत्री ने शनिवार को जेटली के परिवार वालों से बात की थी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अरुण जेटली के परिवार की तरफ़ से पीएम मोदी से अनुरोध किया गया कि वो अपनी महत्वपूर्ण यात्रा बीच में छोड़कर नहीं आएं.

पेशे से जेटली वकील थे और मोदी के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री थे. कहा जाता है कि मोदी के पहले कार्यकाल में सबसे ताक़तवर मंत्री थे. जेटली के वित्त मंत्री रहते हुए बैंकरप्सी क़ानून बना और जीएसटी बिल भी पास हुआ.

जेटली डायबिटीज से भी पीड़ित थे. इसके अलावा किडनी ख़राब होने के कारण पिछले साल ही उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. 2014 में जेटली की बाइपास सर्जरी भी हुई थी. 2019 में एक बार फिर से मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई तो जेटली ने सेहत के देखते हुए ही मंत्री बनने से इनकार कर दिया था.

जेटली के परिवार में उनकी पत्नी संगीता जेटली, बेटी सोनाली जेटली बख्शी और बेटे रोहन जेटली हैं.

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