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bbc news

  • May 13 2019 10:40PM
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बांदीपुरा: तीन साल की बच्ची के साथ कथित रेप के विरोध में ज़ोरदार प्रदर्शन

बांदीपुरा: तीन साल की बच्ची के साथ कथित रेप के विरोध में ज़ोरदार प्रदर्शन
भारत प्रशासित कश्मीर में एक तीन साल की बच्ची के साथ कथित बलात्कार के ख़िलाफ़ बांदीपुरा ज़िले और घाटी के कई अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए. बच्ची और अभियुक्त संबुल के मलिक पुरा इलाके में रहते हैं, इन क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

सुरक्षा बलों ने मलिक पुरा जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है. यहाँ तक किसी भी मीडियाकर्मी को भी वहाँ जाने की इजाज़त नहीं है. इलाके में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

बारामुला इलाके में सोमवार को हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें कई युवकों के घायल होने की ख़बर है. एक प्रदर्शनकारी की हालत गंभीर बताई जा रही है.

इस घटना से पूरी घाटी में रोष का माहौल है. पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है और जाँच जारी है.

बच्ची के पिता शायर अली डार ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ स्कूल के बाथरूम के अंदर बलात्कार किया गया. ये स्कूल उनके घर से सटा हुआ है. उनका कहना है कि इस घटना के बाद उनका पूरा परिवार सदमे की स्थिति में है.

अली डार बीबीसी से कहा, "ये 9 मई को करीब 7 बजे शाम की बात होगी. मैं रोजा खोलने के लिए मस्जिद गया हुआ था. इसी बीच मेरी पत्नी बेटी को खोजते हुए घर से बाहर आई. उसने अपनी बच्ची को पुकारा, लेकिन बेटी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. वो बार-बार बेटी को पुकारती रही और फिर कुछ देर बाद स्कूल की तरफ से कुछ आवाज़ आई. वहाँ एक छोटा तालाब भी है. हमने सोचा कि वो पानी में डूब गई है, तब तक हमें असलियत का पता नहीं था."

अली कहते हैं, "हमारे पड़ोस की कुछ लड़कियों ने मेरी बीवी को बताया कि कुछ आवाज़ें स्कूल की तरफ से आ रही हैं और शायद वो तालाब में डूब गई है. हम तालाब पर गए लेकिन वह वहाँ नहीं मिली. हम बुरी तरह घबरा गए थे और मन में ख्याल आ रहे थे कि वह कहाँ गई होगी?"

अली ने कहा, "हमारे मन में ये भी ख़याल आ रहा था कि वो शायद मर गई होगी. हमने एक बार फिर आवाज़ लगाई. इस बार बेटी की धीमी सी आवाज़ सुनाई दी. वो मम्मी, मम्मी चिल्ला रही थी. फिर हमने उसे बेहद बुरी स्थिति में स्कूल के बाथरूम के अंदर पाया. अभियुक्त ने वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन हमने और पड़ोसियों ने उसे वहीं दबोच लिया. मेरी बेटी के कपड़ों पर खून के धब्बे थे और बाथरूम में भी खून गिरा हुआ था. हमने तत्काल अभियुक्त के पिता और भाई को बुलाया और दिखाया कि अभियुक्त ने किया क्या है."

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'बेटा अगर दोषी है तो उसे सजा जरूर मिले'

इसके बाद अली डार और उनके पड़ोसी सीधे पुलिस थाने गए और अभियुक्त को पुलिस को सौंप दिया. हम अभियुक्त को उसके बचपन से ही जानते हैं और वह हमारा पड़ोसी है. अभियुक्त उसे अक्सर घर से बाहर ले जाता था, लेकिन हमें अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा होगा.

पुलिस की जाँच पर अली डार ने कहा कि अभी तक की जाँच से वो संतुष्ट हैं, पुलिस सहयोग कर रही है. अभियुक्त को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए.

हालाँकि अभियुक्त के पिता अब्दुल रहमान ने अपने बेटे पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने बीबीसी से कहा, "ये आरोप सौ फ़ीसदी निराधार हैं. ये कुछ ज़मीन से जुड़ा मामला है. मैंने अपना घर उन्हें (बच्ची के परिवार) को बेच दिया था. बच्ची के परिवार के बयान पूरी तरह गलत है."

अभियुक्त के पिता दावा करते हैं कि उनके बेटे को मौके से नहीं पकड़ा गया था, बल्कि वह उस वक्त अपने घर पर था. उन्होंने कहा कि उनका बेटा अगर दोषी है तो उसे दंड मिलना चाहिए.

बांदीपुरा के पुलिस अधीक्षक राहुल मलिक ने बताया कि अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है.

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पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी से कहा, "घटना 9 मई की शाम की है. अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है. अभी तक, हमने इस मामले में विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित की है और बच्ची का मेडिकल कराया है. एसआईटी ने अपनी जाँच शुरू कर दी है और बयान भी दर्ज किए गए हैं. बच्ची तकरीबन तीन साल की है. पोस्को अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है."

यह पूछे जाने पर कि अभियुक्त की उम्र कितनी है, उन्होंने कहा, "अभी ये जाँच का विषय है. अभियुक्त स्कूल ड्रॉपआउट है और तीन स्कूल बदल चुका है. हम उसकी उम्र का पता लगा रहे हैं."

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल के प्रिसिंपल ने उसका (अभियुक्त) फर्ज़ी जन्म प्रमाण पत्र जारी किया है जिसमें उसे नाबालिग दिखाया गया है. एक स्थानीय व्यक्ति मोहम्मद असलम ने कहा कि कुछ ही घंटों में ये प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसमें उसे 10 साल का चौथी क्लास का छात्र बताया गया है. असलम ने दावा किया कि पुलिस ने भी माना है कि ये जन्म प्रमाण पत्र नकली है.

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'हमारी सामाजिक ताने-बाने पर कलंक'

पुलिस अधीक्षक मलिक ने इस संबंध में कहा, "हमने स्कूल के प्रिंसिपल को हिरासत में लिया और पूछताछ कर रहे हैं. हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किन परिस्थितियों में उन्होंने ऐसा किया. इसे किसने जारी किया और किसे मंज़ूर किया."

इंदरपुरा सुंबल में बड़ी तादाद में महिलाएं सड़क पर इकट्ठा हुईं और अभियुक्त को कड़ी सज़ा देने की मांग की.

एक प्रदर्शनकारी अमीना ने कहा, "हम यहाँ हमारी निर्दोष बच्ची को इंसाफ़ दिलाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. वो तो अपनी पीड़ा तक लोगों को नहीं बता सकती. ज़रा सोचिए कि जब ये जघन्य अपराध उस बच्ची के साथ हो रहा होगा तो उस पर क्या बीत रही होगी. हम अब खुद को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं. जब तीन साल की बच्ची के साथ ऐसा घृणित अपराध हो सकता है तो फिर किसी के साथ भी ऐसा संभव है. हमारी मांग है कि अभियुक्त को फाँसी की सजा मिले. "

अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने इस घटना को 'हमारी सामाजिक ताने-बाने पर कलंक' बताया है और अभियुक्त के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.

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दो महीने पहले ही बांदीपुरा में भी एक ऐसी ही घटना हुई थी, जिसने समाज को झकझोर दिया था. एक पिता पर अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार का आरोप था. लड़की ने आत्महत्या कर ली थी.

2018 में जम्मू क्षेत्र के कठुआ इलाके में बकरवाल समुदाय की एक आठ साल की लड़की से गैंगरेप और हत्या पर जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

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