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aurangabad

  • Sep 12 2019 7:47AM
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वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने भांजी लाठी

 ओबरा : नये ट्रैफिक रूल्स अगर आम लोगों के हित में लागू किया गया है, तो कुछ लोगों को इससे परेशानी भी हो रही है. ट्रैफिक नियम को लागू करने के लिए जिन्हें दायित्व सौंपा गया है या जिनके मदद से इस कानून की जानकारी दी जा रही है, 

 
वही अगर जागरूक करने के बजाय मारपीट पर उतारू हो जाये तो व्यवस्था पर सवाल उठता है. बुधवार की दोपहर एनएच 139 पर थाना मोड़ के समीप वाहन जांच कर रही ओबरा पुलिस अचानक आक्रोश में आ गयी और एक बाइक चालक की पिटाई कर दी. 
 
उसके बाइक को सड़क पर ऐसे फेंक दिया, जैसे ओबरा थाना पुलिस को ऊपर से ही इस तरह के आदेश दे दिये गये हो. जब घटना की चर्चा तेजी के साथ आसपास फैली और प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा तो धीरे-धीरे आम लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा, फिर उस जगह पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गये व पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करने लगे, तब जाकर पुलिस का गुस्सा ठंडा हुआ. 
 
पता चला कि ओबरा शहर के ही अरुण कुमार नामक युवक बाइक से एक मेडिकल दुकान पर दवा लेने के लिए जा रहे थे, तभी जांच कर रहे पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी रोकवाई और जांच करने के बाद फाइन लगाया. युवक ने फाइन देने की बात भी कही. इसी क्रम में ओबरा पुलिस के जीप का चालक तैस में आ गया और युवक से उलझ पड़ा. 
 
इस क्रम में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उस पर अपनी रौब दिखायी, लेकिन जब लोगों की भीड़ वहां पहुंचने लगी, तो उनका गुस्सा हवा में उड़ गया. जैसे-तैसे मामला समाप्त हुआ. इधर छात्र नेता पुष्कर अग्रवाल, रंजीत पांडेय, शंभु प्रकाश, अमित कुमार, रवि यादव ने कहा कि पुलिस के जवान व पदाधिकारी नियम को ताक पर रखकर वाहनों की जांच कर रहे है. 
 
पुलिस जांच के दौरान गलत पाये जाने पर चालान काटे न की डंडा भांजे. पुलिस जीप का चालक जब इतना रौब दिखा सकता है, तो अन्य पदाधिकारियों की बात क्या होगी. इधर, इस संबंध  में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकुमार तिवारी ने बताया की सभी पुलिस पदाधिकारी को वाहन जांच के दौरान वीडियोग्राफी कराना है, जो भी मामला है उसे गंभीरता पूर्वक जांच करायी जायेगी.
 
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