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aurangabad

  • Sep 12 2019 7:46AM
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चार दिन बाद श्रीसीमेंट के साथ ट्रांसपोर्टरों का बढ़ा 25% किराया

 औरंगाबाद : ट्रांसपोर्टरों व मंदी की मार से परेशान श्री सीमेंट कंपनी को चार दिन बाद आखिरकार राहत मिल ही गयी. ट्रक ऑनर एसोसिएशन और सीमेंट कंपनी के बीच समझौता भी हो गया. माध्यम सांसद सुशील कुमार सिंह बने. ऐसे में बहुत हद तक मंदी की मार झेल रहे सीमेंट कंपनी को राहत मिली है. हालांकि इसकी डेडलाइन महज एक माह की है.

 
 एक माह के भीतर अगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की मांग नही मानी गयी तो एक बार फिर आंदोलन प्रारंभ होगा. सात सितंबर से ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने 60% भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर कंपनी के कार्यों को बंद करा दिया. लगभग चार दिन तक सीमेंट कंपनी का कार्य ठप रहा. यूं कहे कि कंपनी से प्रोडक्शन ही बंद हो गया. 
 
इस स्थिति में कंपनी के अधिकारी बेचैन हो गये और उन्हें ट्रांसपोर्टरों से बात करनी पड़ी. कंपनी के एक अधिकारी आनन-फानन में पहुंचे और ट्रांसपोर्टरों से मिल कर समझाने की कोशिश की, लेकिन ट्रांसपोर्टर मांग को लेकर अड़े रहे. सदर विधायक आनंद शंकर सिंह ने भी ट्रांसपोर्टरों की मांग को जायज कहा. 
 
बुधवार को सांसद सुशील कुमार सिंह के साथ ट्रक ऑनर एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल डीएम राहुल रंजन महिवाल से मुलाकात की और पूरी स्थिति से अवगत कराया. सांसद ने डीएम से कहा कि ट्रांसपोर्टरों की मांग जायज है और नियमानुसार है. जून महीने में ट्रांसपोर्टरों का भाड़ा घटा दिया गया था. अभी जो स्थिति है उसमें ट्रांसपोर्टर नियम के साथ वाहन का परिचालन  कर रहे है. 
 
 ट्रांसपोर्टरों ने ओवरलोड वाहन नहीं चलाने का फैसला लिया है. ऐसे में उनका भाड़ा बढ़ाना जनहित में है. कई लोगों ने बताया कि वे अवकाशप्राप्त जवान है, शिक्षित बेरोजगार है जो लोन लेकर ट्रक खरीदे और कंपनी के हवाले किये. 
 
जब उन्हें नुकसान होगा तो वे अपनी आजीविका कैसे चलायेंगे. शिष्टमंडल में शामिल अध्यक्ष शंकर सिंह, बब्लू सिंह, मनु सिंह, रंजीत सिंह, संजय शर्मा आदि ने कहा कि श्री सीमेंट कंपनी की मनमानी नहीं चलेगी और उनकी मांग माननी पड़ेगी. 
 
डीएम ने ट्रांसपोर्टरों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग पर विचार की जायेगी. इधर पता चला कि कंपनी द्वारा ट्रांसपोर्टरों का भाड़ा 25 प्रतिशत बढ़ाया गया है और आगे बढ़ाने के लिए आश्वासन भी दिया गया है. श्री सीमेंट कंपनी के अधिकारी संदीप शर्मा ने बताया कि कंपनी का कार्य अब सुचारू रूप से शुरू हो गया है. स्थापना काल से श्री सीमेंट कंपनी पर सवालिया निशान लगते आया है. 
 
कभी भूगर्भ से अत्यधिक जल दोहन तो कभी प्रदूषण को लेकर कंपनी के कार्यशैली पर उंगली उठते आया है. कई समाजसेवियों ने कंपनी के खिलाफ धरना व प्रदर्शन भी किया. सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार की विभाग द्वारा भी पूर्व में जांच पड़ताल की गयी थी, लेकिन हर बार मामला सलटा दिया गया. वैसे कंपनी के वर्तमान कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है.
 
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