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muzaffarpur

  • Jun 16 2019 5:26AM
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चमकी बुखार: मुजफ्फरपुर में अबतक 73 बच्चों की मौत की हुई पुष्टि, कुल 220 बच्चे हुए थे भर्ती, परिजनों को मिलेगा मुआवजा

चमकी बुखार: मुजफ्फरपुर में अबतक 73 बच्चों की मौत की हुई पुष्टि, कुल 220 बच्चे हुए थे भर्ती, परिजनों को मिलेगा मुआवजा

पटना : मुजफ्फरपुर में अज्ञात बीमारी के कारण अब तक 73 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. इसमें एसकेएमसीएच में कुल 220 बच्चे भर्ती कराये गये थे. इनमें से 39 बच्चों को शनिवार को इलाज के लिए लाया गया. एसकेएमसीएच में भर्ती बच्चों में से अब तक कुल 62 बच्चों की मौत हो चुकी है. 

उधर, केजरीवाल हॉस्पीटल में अभी तक 93 बच्चों को भर्ती कराया गया है. इसमें शनिवार को 22 बच्चे भर्ती हुई है. केजरीवाल हॉस्पीटल में अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि बच्चों के इलाज  के लिए संभव प्रयास किया जा रहा है. 

सीवान, वैशाली और बेगूसराय में भी एक-एक बच्ची की मौत

सीवान/वैशाली/बेगूसराय : सीवान, वैशाली और बेगूसराय जिलों में एक-एक बच्ची की चमकी बुखार से मौत हो गयी. सीवान शहर के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की रात महाराजगंज थाने के जिगरहवां गांव की एक साल की किरण ने दम तोड़ दिया. अस्पताल के डॉक्टर मो इसरायल का कहना है कि लक्षणों के अनुसार उसे चमकी बीमारी थी. परिजन काफी नाजुक स्थिति में उपचार के लिए लाये थे. बच्ची करीब शाम सात बजे इलाज के लिए आयी तथा नौ बजे के आसपास दम तोड़ दिया. 

वहीं, बताया गया है कि सीवान के कई संदिग्ध पीड़ित बच्चों को पीएमसीएच  रेफर किया गया है. दूसरी ओर वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के हरिवंशपुर गांव में शनिवार की सुबह एक और बच्ची की मौत चमकी बुखार से हो गयी. 

 मृतका तीन वर्षीया सिमरन कुमारी हरिवंशपुर गांव के वार्ड नंबर दो निवासी रामदेव सहनी की पुत्री थी. इस बीमारी से अभी तक वैशाली जिले में 11 बच्चों की मौत हो चुकी है. बेगूसराय में चमकी बुखार से पीड़ित सदर अस्पताल में इलाजरत एक बच्ची की मौत शनिवार को हो गयी. सालेचक कस्बा निवासी मो अरशद की पांच वर्षीया पुत्री को बीती रात से ही तेज बुखार था. सदर अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गयी.

एइएस से मरे बच्चों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री

पटना : मुजफ्फरपुर में एइएस से हुई बच्चों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने इस भयंकर बीमारी से मृत हुए बच्चों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से शीघ्र ही चार-चार लाख रुपये अनुदान देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं चिकित्सकों को इस भयंकर बीमारी से निबटने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिया है.

 
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