Advertisement

asansol

  • Sep 12 2019 1:53AM
Advertisement

बर्दवान: डांगापाड़ा का निवासी है आतंकवादी आशादुल्लाह

खागड़ागढ़ बम विस्फोट में रहा था शामिल, चेन्नई से ईंटभट्ठा से गिरफ्तार

गांव में पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया विरोध, बदनामी का दावा
 
बर्दवान : बर्दवान नगर से सिर्फ 28 किलोमीटर की दूरी पर बलगना-गुसकरा सड़क से नित्यानंदपुर पंचायत अंतर्गत डांगापाडा  ही खागडागढ़ विस्फोट कांड मं शामिल मुजाहिद्दीन आतंकवादी संगठन के सदस्य आशादुल्लाह के पैतृक गांव है.
 
शनिवार को स्पेशल टास्क फोर्स ने उसे चेन्नई के थोरियापक्कनम इलाके से गिरफ्तार किया.उसे मंगलवार भतार के डांगापाडा में लाया गया.  लंबे अरसे के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को गांव में देख कर अधिकांश ग्रामीण हत्प्रभ रह गये. टीन की छतवाले दो कमरों के मिट्टी के घर में आशादुल्लाह रहता है. खागड़ागढ़ कांड के पहले वह सामान्य युवक था.  कृषि जमीन में ट्रैक्टर चलाता था. ऐसे शांत ग्रामीण युवक के विस्फोट कांड से जुड़े होने के तथ्य पर ग्रामीण सहज विश्वास नहीं कर पा रहे थे. हालांकि वर्ष 2014 में खागडागढ़ विस्फोटकांड के बाद वह इलाके से भाग निकला था.
 
 आशादुल्लाह चेन्नई में ईंटभट्ठा में मजदूरी कर रहा था. किराये के घर में अकेला रहता था,  खागडागढ़ कांड की जांच से जुड़ी एनआईए की जांच में उसके खिलाफ साक्ष्य मिले थे. वह मंगलकोर्ट के सिमुलिया मदरसा में मुजाहिदीन गोष्ठी के सरगना अबुल कलाम के साथ आना-जाना करता था.  एनआईए को जानकारी मिली कि उसने बकायदा  जेहादी प्रशिक्षण ले रखा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए एनआइए ने अभियान शुरू किया. गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्कफोर्स का घटन हुआ. शनिवार को एसटीएफ को चेन्नई से उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई,
 
ग्रामीणों के अनुसार विस्फोट के बाद वह गांव से  भाग निकला. पत्नी अपने बच्चों को लेकर मंगलकोट थाना के कुलसोना में मायके चली गयी. डांगापाडा स्थित मकान में तभी से ताला बंद है.
 
आशादुल्लाह के पांच भाई और भाई हैं तथा सभी उसी गांव में रहते हैं. पिताजी का निधन कोई साल पहले हो चुका है. मां अन्य भाइयों के साथ रहती है. उसके दो बेटे- एबनेसउद शेख और बासेद शेख ने बताया कि उसके पिता ने उन्हें बताया था कि वह चेन्नई में ईंटभट्ठा में कार्य करता है.  
 
पिछले पांच साल से उसके साथ पत्नी और बच्चों का कोई संपर्क नहीं है. बेटे के गिरफ्तार होने की सूचना मिलने के बाद ही मां आसेदा बीबी रोने लगा. उन्होंने कहा कि पांच सालो से उन्होंने बेटे का चेहरा भी नहीं देखा है.ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों के आने पर गहरी नाराजगी जताई. उनका दावा है कि इसे गांव की बदनामी हुई है. वह गांव से फरार है तथा पत्नी मायके में है. गांव के साथ उसका कोई  संबंध नहीं है. पुलिस को भी कोई विशेष जानकारी ग्रामीणों से न मिल सकी.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement