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asansol

  • Sep 12 2019 1:49AM
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क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को सीएमडी ने दिया अल्टीमेटम

 बेकार नहीं रहेंगी मशीनें, उनकी पूरी उपयोगिता के लिए लें पॉजिटिव इनीसिएटिव

कंपनी मुख्यालय के सभागार में महाप्रबंधक समन्वय की बैठक, समस्याओं पर चर्चा  

सांकतोड़िया :  इसीएल मुख्यालय प्रशासनिक भवन के  सम्मेलन कक्ष में बुधवार को महाप्रबंधक समन्वय की बैठक कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक प्रेमसागर मिश्रा की अध्यक्षता में  हुई. तकनीकी निदेशक (संचालन) सुनील कुमार झा,  तकनीकी निदेशक (योजना  व परियोजना)  जयप्रकाश गुप्ता,  कार्मिक निदेशक विनय रंजन,  मुख्य सतर्कता अधिकारी एमके मिश्रा,  सभी एरिया के महाप्रबंधक एवं मुख्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तथा सीएमडी के तकनीकी सचिव नीलाद्री राय मौजूद थे.

सीएमडी श्री मिश्रा ने कहा कि देश में कोयला की मांग काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में एरिया प्रबंधन अपने-अपने उत्पादन तथा डिस्पैच के लक्ष्य को हर हाल में हासिल करे. उन्होंने कंपनी के विभिन्न एरिया में बेकार पड़ी मशीनों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया.  स्पेयर पाटर्स के अभाव में कोई भी मशीन खड़ी नहीं रहनी चाहिए.

जहां आवश्यकता है पाटर्स खरीदें,  लेकिन मशीन बेकार खड़ी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने विभागीय उत्पादन में भी तेजी लाने को कहा. इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण,  सुरक्षा,  सीएसआर,  वेलफेयर एवं अन्य पहलुओं पर विस्तृत रूप से अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनके सुझाव लिये.

 सीएमडी ने निर्देश दिया कि क्वालिटी के साथ कोयले के डिस्पैच में तेजी लाये. चालू वित्तीय वर्ष में कंपनी चालू वर्ष में दिये गये लक्ष्य अपने उत्पादन तथा डिस्पैच दोनों में लक्ष्य से पीछे चल रही है. भले ही गत वर्ष की तुलना में उत्पादन में 5 .41 फीसदी तथा सम्प्रेषण में 3 .17 फीसदी का  पोजिटिव ग्रोथ है.  सुरक्षा के साथ उत्पादन तथा डिस्पैच में तेजी लायें. कोयला की क्वालिटी में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक  अपना टारगेट पूरा करें.

उन्होंने कहा कि विजिलेंस से डरने की आवश्यकता नहीं. जो अधिकारी ईमानदारी से काम करते हैं और करेंगे, उन्हें विजिलेंस से डरने की जरूरत नहीं है. कंपनी के विकास तथा उन्नति के लिए ईमानदारी से काम करें,  तभी कंपनी नयी ऊंचाई पर पहुंच सकेगी. पुरानी फाइलों का जल्द से जल्द निष्पादन करे. देश की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्तीय वर्ष में मिले लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना होगा. वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोल इंडिया को उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य 660 मिलियन टन है, जिसमे ईसीएल को 53 .5 मिलियन टन शामिल है  जिसे प्राप्त करना है.

 
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