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asansol

  • Aug 21 2019 3:59AM
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चिरेका जीएम के समक्ष जैक का अनशन

 चिरेका सहित आठ प्रोडक्शन यूनिटों के निगमीकरण के फैसले का विरोध

केंद्र सरकार के निर्णय वापसी तक लगातार आंदोलन करने की हुई घोषणा
 
रूपनारायणपुर : चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) को बचाने सहित भारतीय रेल के प्रोडक्शन इकाईयों का निगमीकरण और निजीकरण के खिलाफ चिरेका ज्वायंट एक्शन  कमेटी (जैक) के नेता तथा सदस्य मंगलवार को चिरेका महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष आरके गेट के पास अनशन पर बैठे.
 
एकदिवसीय अनशन में जैक नेता सपन कुमार लाहा,  निर्मल मुखर्जी,  संजीव कुमार साही,  नेपाल चक्रबर्ती,  प्रदीप बनर्जी,  एके सिन्हा,  अर्द्धन्दू मुखर्जी,  सुमिताभ भट्टाचार्य,  देवाशीष मजूमदार,  इंद्रजीत सिंह आदि नेताओं सहित दो सौ सदस्य शामिल हुए. सनद रहे कि चिरेका सहित भारतीय रेल की आठ प्रोडक्शन यूनिटों  को निगमीकरण करने का केंद्र सरकार ने कार्य आरंभ कर दिया है. सरकार के इस निर्णय के विरोध में चिरेका के सभी यूनियनों ने मिलकर जैक का गठन किया. राजनैतिक सारे भेदभाव को भूलकर सभी नेता एकजुट होकर जैक के बैनर तले पिछले एक माह से आंदोलन के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे है.  
 
जैक के वरिष्ठ नेता निर्मल मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सभी सरकारी और पीएसयू संस्था का निजीकरण करने की दिशा में कार्य कर रही है. श्रमिकों को पुनः गुलाम बनाने की तैयारी की जा रही है. देश में अघोषित आपातकाल की स्थिति बन गयी है. सरकार के इस मनमानी फैसले के खिलाफ श्रमिकों को एकजुट होकर लंबी लड़ाई लड़नी होगी. जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तबतक यह लड़ाई लड़नी है. उपस्थित सभी नेताओं ने अपना विचार रखते हुए सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली.
 
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