अलकतरा घोटाला: बिहार के पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास को 5 साल की सजा
Advertisement

asansol

  • Jan 11 2019 3:39AM

दुर्गापुर : दस फीसदी आरक्षण के फैसले का खुलकर समर्थन

दुर्गापुर :  केंद्र सरकार ने सवर्ण समाज को खुश करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर स्वर्ण समाज को 10 फीसदी आरक्षण देने का बड़ा फैसला लिया है. इसको प्रभावों को लेकर दुर्गापुर में चर्चा तेज हो गई है. 
(
सनद रहे कि वर्ष 2018  में एससी, एसटी एक्ट प्रताड़ना अधिनियम में संशोधन होने के बाद केंद्र सरकार से सवर्ण समाज नाराज था. इसका परिणाम पांच विधानसभा चुनावों के परिणाम भी पड़ा था. इसके बाद इसे सवर्ण समाज को खुश करने का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है.
 
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के ऑल इंडिया उपाध्यक्ष सह बंगाल प्रदेश के अध्यक्ष प्रकाश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो के काफी बेहतर काम किया है. लंबे समय से जाति के बजाए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की जा रही थी. सवर्ण समाज में जो आर्थिक रूप से कमजोर है, उसका उत्थान होगा. 
 
चित्रगुप्त वेलफेयर सोसाइटी के सचिव सह एडवोकेट रणवीर बिहारी लाल ने सरकार के इस फैसले को मील का पत्थर बताया. उन्होने कहा कि सरकार के इस फैसले से सवर्ण  समाज के गरीब लोगो को काफी राहत मिलेगी उनके बच्चे को अब मन मसोस कर नहीं रहना पड़ेगा.
 
 पढ़ाई के साथ साथ नौकरी के क्षेत्र मे संभावना बढ़ेगी. बैंक अधिकारी जयंत वर्मा ने सरकार के इस फैसले को ‘देर आए, दुरस्त आए’ करार देते हुए कहा कि सरकार के फैसले से सवर्ण समाज को लाभ होगा और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. युवा समाज अधिक से अधिक इसका
 लाभ उठाये. सवर्ण समाज के हित में सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है.
उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे राहुल  राज ने कहा कि इससे सवर्ण समाज को फायदा मिलेगा. सरकार ने पुरानी मांग पूरी कर दी है. योग्यता होने के बावजूद पिछड़ जाने का भय अब आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों के बीच नहीं रहेगा.
 
समाजसेवी राकेश भट्ट्ड़ ने कहा कि गरीब व्यक्ति किसी भी जाति, समाज में हो सकता है.  उनका सहयोग करना व सहारा देना सरकार का काम है.  प्रधानमंत्री के इस फैसले से आम जनता में खुशी की लहर है. उन्होंने सबका साथ-सबका विकास की अवधारणा को साकार करते हुए यह फैसला लिया है. 
 
जन कल्याण समिति के सचिव सह शिक्षक जितेंद्र पांडे ने कहा कि आर्थिक आधार पर 10  प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा से सवर्ण समाज के गरीब लोगों को भी सरकारी नौकरी मिलने की आस बंधी है. सरकार यह बिल भले ही देर से लेकर आई, फिर भी स्वागत योग्य है.
 

Advertisement

Comments

Advertisement