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  • Apr 15 2019 6:31AM

उत्तर प्रदेश : सबसे ज्यादा आठ विधायक भाजपा के, जीतने पर करवाना होगा उपचुनाव, इधर दस विधायक भी संसद पहुंचने की रेस में

उत्तर प्रदेश : सबसे ज्यादा आठ विधायक भाजपा के, जीतने पर करवाना होगा उपचुनाव, इधर दस विधायक भी संसद पहुंचने की रेस में
नयी दिल्ली : उत्तर प्रदेश के कई विधायक भी सांसद बनने के लिए इस बार लोस चुनाव के मैदान में हैं. इस वक्त उप्र सरकार के तीन मंत्री और विभिन्न दलों के सात विधायक चुनाव लड़ रहे हैं. इन विधायक दावेदारों की किस्मत अगर खुली और संसद पहुंच गये तो लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में विस उपचुनाव का सिलसिला शुरू होगा. 
 
मंत्रियों के चुनाव जीतने पर मंत्रिमंडल में भी फेरबदल होगा. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भाई और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव जसवंत नगर से कई बार विधायक रहे हैं. वह 2017 में भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर जसवंत नगर से जीते थे. पिछले साल शिवपाल ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली और वह फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट पर उनके भतीजे और सपा महासचिव रामगोपाल यादव के पुत्र वर्तमान सांसद अक्षय यादव से उनका मुकाबला है. 
 
शिवपाल अगर चुनाव जीतते हैं तो जसवंत नगर में उपचुनाव होगा. पश्चिमी यूपी में कैराना लोकसभा सीट वापस पाने के लिए भाजपा ने इस बार अपने विधायक प्रदीप चौधरी पर भरोसा जताया है. पार्टी ने गंगोह से विधायक प्रदीप चौधरी को प्रत्याशी बनाया है. यहां उनका मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी और वर्तमान सांसद तबस्सुम हसन से है. भाजपा ने बांदा ससंदीय सीट से मौजूदा सांसद भैरा प्रसाद मिश्र का टिकट काट कर माणिकपुर विधानसभा सीट से अपने विधायक आरके सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है. पटेल माणिकपुर से विधायक हैं.
 
कई विधायक पहली बार जीत कर आये थे
 
भाजपा ने हाथरस से वर्तमान सांसद का टिकट काट कर इगलास के विधायक राजवीर सिंह दिलेर को प्रत्याशी बनाया है. राजवीर सिंह दिलेर पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गये थे. 
 
समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और रामपुर विधानसभा सीट से कई बार के विधायक आजम खां को रामपुर लोकसभा सीट से उतारा है, तो उधर भाजपा ने बाराबंकी से अपनी वर्तमान सांसद प्रियंका रावत का टिकट काट कर जैदपुर के विधायक उपेंद्र रावत को प्रत्याशी बनाया है. खास बात यह कि उपेंद्र रावत 2017 में पहली बार विधायक बने थे. भाजपा ने बल्हा सीट से विधायक अक्षयवरलाल गौड़ को बहराइच से प्रत्याशी बनाया है. 
 
यहां से पिछली बार भाजपा की टिकट पर सावित्री बाई फुले चुनाव जीती थीं, लेकिन इस बार वह कांग्रेस की प्रत्याशी हैं. टूंडला के विधायक प्रो. एसपी सिंह बघेल प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. भाजपा ने उन्हें आगरा सु. सीट से उतारा है. लखनऊ कैंट सीट की विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को भाजपा ने इलाहाबाद सीट से लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा है.
 

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